कलेक्टर ने कहा – जांच करने भेजा गया है टीम
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन। जिले में रेत माफिया जमकर हावी है। यहां पर अवैध रेत का खेल लगातार जारी है। अवैध रेत का उत्खनन कर सरकार को लाखों करोड़ो रू.का चूना लगाया जा रहा है। वहीं खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा रेत माफियाओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं किया जा रहा है। इसी का फायदा उठाकर रेत माफिया रेत का अवैध उत्खनन लगातार कर रहे है। दरअसल नदी में पानी आने की वजह से अधिकांश रेत खदान अभी बंद है। लेकिन समय अवधि के पूर्व ही दीवारी में बीच नदी में पोकलेन मशीन से ठेकेदार के द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जा रहा है। रेत कारोबारी एनजीटी के दिशा निर्देशों को धता बताते हुये नदी की बीच धार से मशीनों के माध्यम से रेत निकाला जा रहा है। विगत दिनों दीवारी रेत खदान से रेत माफियाओं के द्वारा बुढ़नेर नदी के बीच धार से मशीन लगाकर रेत निकालने का मामला सामने आया था। जिस पर स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा विरोध कर जिला प्रशासन से शिकायत की गई थी। इसी मामले को लेकर अखबारों में जमकर सुर्खियां भी बटोरी थी।

इसी बीच अब रेत कंपनी के कर्मचारी दिनेश सहगल नाम का व्यक्ति सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। बता दें कि इनके द्वारा पुरानी अखबार की कटिंग सोशल मीडिया के प्लेटफार्म के सेक्टर भानपुर अमरपुर डिंडौरी नामक व्हाट्सएप ग्रुप में दीवारी रेत खदान बंद से संबंधित पुरानी समाचार की कटिंग शेयर किया गया। जिसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने रेत कर्मचारी के द्वारा शेयर किये गये अखबार की कटिंग को टैग करते हुय जमकर क्लास लगाई और एनजीटी के नियमों को पाठ पढ़ाया गया, जो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।
पर्यावरण और जैव विविधता के साथ खिलवाड़…..
रेत खनन कंपनी के कर्मचारी के द्वारा शेयर किये गये पोस्ट का ज्वाब देते हुये स्थानीय ग्रामीण ने टैग करते हुये लिखा है कि अवैध खनन वाले को रोके गये है,खेत वालों को उचित मुआवजा नहीं मिलने के कारण रूका है। उन्होंने आगे लिखा है कि नदी का सीना खोदकर कैसे हमारे पर्यावरण और जैव विविधता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन्होंने कहा कि रेत खदान के मैनेजर सहगल कह रहा है,कि नियम से खनन किया जा रहा है। उसे बता देना चाहते है कि बहते नदी में मशीन से खनन करने का नियम नहीं है,न ही नदी में सड़क बनाने का है। नदी के प्राकृतिक स्वरूप को न बिगाड़ा जाये।

प्रशासन के कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाये सवाल…
विगत दिनों रेत ठेकेदार के गुर्गों द्वारा दीवारी रेत खदान से अवैध रेत निकाली जा रही थी। बताया गया कि बुढ़नेर नदी के बीच धार में मशीन लगाकर रेत निकाल रहे थे। जिसको लेकर ग्रामीणों ने खनिज विभाग के अधिकारी और कलेक्टर से शिकायत किया गया था। इसी मामले में अब तक जिला प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने पर ग्रामीणों में आक्रोश है।

माफियाओं के निगाहों में मैनपुरी के खदान….
बताया जा रहा है कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद दीवारी रेत खदान से रेत निकालने पर रोक दिया गया है। लेकिन अब इनकी निगाहें मंडला जिले के मैनपुरी के रेत खदान में जाकर टिक गई है। अब रेत माफियाओं के द्वारा खुलेआम एनजीटी के नियमों का धज्जियां उड़ाते हुये मैनपुरी के रेत खदान में नदी के बीच में रोड बनाकर रेत का अवैध खनन कर डिंडौरी समेत मंडला जिले के अधिकारियों को चुनौती दे रहे है। बावजूद अब तक इनके विरूध्द कोई ठोस कार्रवाई नही की गई है। जिसके चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे है।

इनका कहना है,,
अवैध रेत उत्खनन मामले की जांच के लिये खनिज विभाग के टीम को भेजा गया है। कल जांच कर बता दिया जाएगा। यदि जांच नही होती तो कल एसडीएम को भेजकर जांच कराई जायेगी।
हर्ष सिंह,कलेक्टर,डिंडौरी
डीएमएफ फंड में 1,94,00,000 रूपये रॉयल्टी का जमा है, लेकिन 25 %प्रभावित ग्राम पंचायत को देना था लेकिन आज दिनांक तक कोई विकास कार्य नहीं किया गया है, न ही कोई पेड़ पौधे लगाए गए, न ही कोई क्षेत्र का विकास कार्य किया गया है।
कामता सिंह परस्ते,ग्रामीण दीवारी



