भव्य, सुरक्षित और पर्यावरण मित्र होगी इस बार की यात्रा, ग्वारीघाट से कैलाशधाम तक विशेष प्रबंधों पर मंथन
साईडलुक, जबलपुर। श्रावण मास के पावन अवसर पर निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध संस्कार कांवड़ यात्रा को लेकर जबलपुर में तैयारियों ने गति पकड़ ली है। आगामी 10 अगस्त को श्रावण के दूसरे सोमवार पर ग्वारीघाट से कैलाशधाम तक निकलने वाली इस ऐतिहासिक यात्रा की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम और संस्कार कांवड़ यात्रा आयोजन समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने एक साथ बैठकर सुरक्षा से लेकर स्वच्छता तक के हर बिंदु पर गहन चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता में महापौर एवं यात्रा समिति के संरक्षक जगत बहादुर सिंह अन्नू, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत, अपर कलेक्टर नीता राठौर सहित प्रशासन के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। वहीं आयोजन समिति की ओर से शिव यादव, भारत सिंह यादव, द्वारका मिश्रा, पंकज पांडे, नीलेश रावत और राजेश यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने यात्रा से जुड़ी चुनौतियों और आवश्यकताओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
नोडल अधिकारी करेंगे पूरे मार्ग का निरीक्षण, सुरक्षा होगी चाक-चौबंद
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने बैठक में कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह जबलपुर की संस्कारधानी की सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि गुप्तेश्वर और कैलाशधाम मंदिर समितियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम से एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए जो संयुक्त रूप से ग्वारीघाट से कैलाशधाम तक के पूरे यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण करे। इससे सड़क की खराब स्थिति, भीड़ प्रबंधन और यातायात से जुड़ी समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
महापौर ने विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान तीन एंबुलेंस आगे, बीच और पीछे तैनात रहेंगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। कैलाशधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे जिससे दर्शन व्यवस्था सुगम हो सके।
कैलाशधाम मार्ग की मरम्मत और नर्मदा तट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम
महापौर ने कैलाशधाम मार्ग की जर्जर हालत पर चिंता व्यक्त की और कहा कि नल जल योजना के चल रहे कार्यों को देखते हुए यात्रा से पहले मार्ग की मरम्मत और वैकल्पिक रूट डायवर्जन की योजना तैयार की जाए। उन्होंने कलेक्टर, एसपी और नगर निगम आयुक्त से स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने का आग्रह किया। नर्मदा तट पर जहां से कांवड़िये जल भरेंगे वहां गोताखोर, होमगार्ड के जवान, मजबूत बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही बरगी बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में पहले से सूचना देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मंदिर परिसर में प्राथमिक उपचार केंद्र, डॉक्टरों की विशेष टीम और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग चिकित्सा सुविधा और सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। पार्किंग स्थलों, अस्थायी वाहन स्टैंड और जगह-जगह बनाए जाने वाले भव्य स्वागत मंचों की व्यवस्थित योजना पर भी सहमति बनी।
पॉलीथिन मुक्त होगी यात्रा, पर्यावरण संरक्षण का दिया जाएगा संदेश
इस बार की संस्कार कांवड़ यात्रा को पूरी तरह से पॉलीथिन मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। महापौर ने अपील की कि किसी भी स्वागत मंच पर सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न हो और श्रद्धालुओं के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रसारित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि समय रहते तैयारियां शुरू होने से सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करेंगे और यात्रा ऐतिहासिक रूप से भव्य और सुरक्षित रूप से संपन्न होगी।
विश्व रिकॉर्डधारी यात्रा में उमड़ता है लाखों का जनसैलाब
आयोजन समिति के पदाधिकारी शिव यादव ने कहा कि संस्कार कांवड़ यात्रा ने विश्व रिकॉर्ड में अपना स्थान बनाया है और हर साल इसमें लाखों शिव भक्त शामिल होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कैलाशधाम मार्ग की सड़कों की तुरंत मरम्मत, मंदिर में बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, साफ सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने बताया कि पहले सावन सोमवार से ही कैलाशधाम में श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। समिति ने 10 अगस्त को शहर में भारी यातायात दबाव को देखते हुए स्थानीय अवकाश घोषित करने का भी सुझाव दिया है। साथ ही असामाजिक तत्वों पर निगरानी और रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की मांग रखी गई।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने आश्वस्त किया कि यात्रा को लेकर सभी विभाग अलर्ट पर हैं और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही सभी नोडल अधिकारी संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।


