गाली देने से मना करने पर लाठी से किया था हमला, पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को किया था घायल, 3500-3500 रुपये का लगा जुर्माना
साईडलुक, जबलपुर। सिहोरा न्यायालय ने मारपीट के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए दो सगे भाइयों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा से दंडित किया है। माननीय न्यायालय श्रीमती खालिदा तनवीन खान, जेएमएफसी सिहोरा जिला जबलपुर ने दिनांक 29 जुलाई 2026 को थाना सिहोरा के अपराध क्रमांक 212/2021 के प्रकरण में यह निर्णय पारित किया है।
न्यायालय ने आरोपी हुकुम पटेल को धारा 325 में दो वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2000 रुपये के अर्थदंड और धारा 323/34 भादवि में तीन काउंट में तीन-तीन माह के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं दूसरे आरोपी मेकू पटेल को धारा 325/34 में दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदंड और धारा 323/34 भादवि में तीन काउंट में तीन-तीन माह के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।
घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 8 अप्रैल 2021 की दोपहर करीब 13.30 बजे फरियादी बहादुर का छोटा भाई मुकेश उसके घर के बाहर बैठा था, तभी गांव का हुकुम पटेल घर के सामने आकर मां बहन की गंदी-गंदी गाली देने लगा। तब बहादुर और उसके पिता गोकुल भी घर के बाहर आए और हुकुम पटेल को गाली देने से मना किया तो हुकुम पटेल ने हाथ में ली हुई लाठी से उसके छोटे भाई मुकेश को मारा जो उसके बाएं हाथ के पखोरा में लगा। फिर बीच बचाव करने बहादुर तथा उसकी पत्नी मायाबाई तथा पिताजी गोकुल पटेल गए तो हुकुम ने उसके सिर में लाठी मार दी, जिससे उसके सिर में चोट लगकर खून निकलने लगा। फिर हुकुम ने मायाबाई को धक्का देकर गिरा दिया। उसी समय हुकुम पटेल का भाई मेकू पटेल आ गया और उन लोगों को गंदी-गंदी गालियां देकर उसके पिता गोकुल को लाठी से मारा जिससे उनके बाएं हाथ की कलाई व दाहिने हाथ की छोटी अंगुली के पास हथेली में चोट आई। इस घटना को भगवत प्रसाद पटेल और उत्तम सिंह पटेल ने देखा सुना था। जाते-जाते हुकुम पटेल और मेकू पटेल बोल रहे थे कि अगर तुम लोग थाना रिपोर्ट करने गए तो तुम लोगों को जान से खत्म कर देंगे।
उक्त आशय की रिपोर्ट पर आरक्षी केंद्र सिहोरा में अपराध क्रमांक 212/2021 अंतर्गत भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323, 324, 506, 34 की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध की गई तथा विवेचना रंजीत सिंह द्वारा की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
उप-निदेशक अभियोजन केएस मुवेल व सहायक निदेशक जिला अभियोजन अधिकारी अभिषेक दीक्षित के मार्गदर्शन में राजकुमार शर्मा एडीपीओ सिहोरा द्वारा उक्त मामले में पैरवी की गई। राजकुमार शर्मा के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सजा सुनाई।

