डिंडौरी। शहपुरा विधानसभा के अंतिम छोर पर स्थित वनग्राम ढोलबीजा के मतदान केन्द्र क्रमांक 336 में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बीएलओ श्रीमती लता चिचाम अपनी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से पूरे क्षेत्र में मिसाल बन गई हैं। नेटवर्क, संसाधन और भौगोलिक कठिनाइयों के बीच भी वे जिस लगन से कार्य कर रही हैं, उसने प्रशासनिक तंत्र में नई ऊर्जा भर दी है। ढोलबीजा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर एक दुर्गम क्षेत्र में स्थित है, जहाँ मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है। ऐसी परिस्थिति में भी लता चिचाम घर-घर पहुँचकर मतदाता सूची के लिए गणना फार्म भरती हैं और उन्हें अपलोड करने के लिए एकमात्र स्थान—एक भवन की दीवार—पर लकड़ी की बल्ली के सहारे चढ़कर नेटवर्क पकड़ती हैं।
अमरपुर वृत्त के राजस्व निरीक्षक के साथ मिलकर वे लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं। 18 नवंबर 2025 की शाम 8 बजे तक जारी SIR प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, उनके मतदान केन्द्र में 41.61% कार्य पूरा हो चुका है, जो जिले के कई मतदान केन्द्रों की तुलना में बेहतर प्रगति है।अक्सर बीएलओ सुविधाओं के अभाव का हवाला देकर कार्य में देरी बताते हैं, लेकिन लता चिचाम विपरीत परिस्थितियों को चुनौती देते हुए ‘जहाँ चाह, वहाँ राह’ की कहावत को चरितार्थ कर रही हैं।उनकी यह कार्यशैली न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि अन्य कर्मचारियों के लिए प्रेरक उदाहरण भी है। ढोलबीजा जैसी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उनका समर्पण यह संदेश देता है कि कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के सामने कठिनाइयाँ भी छोटी पड़ जाती हैं।

