जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया का मामला…
जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया के पटपहरा नाला में ग्राम पंचायत के द्वारा ठेकेदार के माध्यम से स्टॉप डैम का स्टाॅप डैम निर्माण कराया जा रहा है जहां ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा भारी लापरवाही बरती जा रही है। बता दे कि स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ठेकेदार से मिलीभगत कर स्टॉप डैम बोल्डर, पत्थर डालकर गुणवत्ताहीन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। स्टाॅप डैम निर्माण में कंक्रीट की बीच– बीच की जगह में बोल्डर और पत्थर,20 एमएम गिट्टी की जगह 10एमएम गिट्टी उपयोग किया गया है जिसकी बानगी निर्माण स्थल में पडे निर्माण सामग्री, स्टॉप डैम पत्थर अपनी दस्ता बंया कर रही है। वही निर्माण कार्य के मसाले में सीमेंट, रेत ,गिट्टी की सही मात्रा में उपयोग नहीं किया गया जिसकी वजह स्टाॅप डैम निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही साइड वाॅल की गिट्टी निकलने लगी है।
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जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया का मामला…जिले के जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया के पटपहरा नाला में ग्राम पंचायत के द्वारा ठेकेदार के माध्यम से स्टॉप डैम का स्टाॅप डैम निर्माण कराया जा रहा है जहां ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा भारी लापरवाही बरती जा रही है। बता दे कि स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ठेकेदार से मिलीभगत कर स्टॉप डैम बोल्डर, पत्थर डालकर गुणवत्ताहीन कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। स्टाॅप डैम निर्माण में कंक्रीट की बीच– बीच की जगह में बोल्डर और पत्थर,20 एमएम गिट्टी की जगह 10एमएम गिट्टी उपयोग किया गया है जिसकी बानगी निर्माण स्थल में पडे निर्माण सामग्री, स्टॉप डैम पत्थर अपनी दस्ता बंया कर रही है। वही निर्माण कार्य के मसाले में सीमेंट, रेत ,गिट्टी की सही मात्रा में उपयोग नहीं किया गया जिसकी वजह स्टाॅप डैम निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही साइड वाॅल की गिट्टी निकलने लगी है।डिंडौरी, रामसहाय मर्दन। जिले में सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य चरम पर है, एक तरफ सरकार के द्वारा निर्माण कार्यों को लेकर लाखों करोड़ों रू. खर्च कर रही है,किंतु सरपंच,सचिव के द्वारा मनमानी पूर्वक निर्माण कराते हुये स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के चक्कर में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। दरअसल जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से स्टाॅप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है, जहां सरपंच, सचिव के द्वारा घटिया सामग्री से पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण करा रहें हैं। बता दे कि ग्राम जमुनिया में पंचायत के द्वारा सडक किनारे पटपरहा नाला में लगभग 9 लाख रू. की लागत से स्टाॅप डैम का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है।जहां ग्राम पंचायत सरपंच पुन्नू सिंह ,सचिव राकेश कुमार ठाकुर और रोजगार सहायक रामसिंह पारासर के द्वारा स्टाॅप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह बोल्डर डालवाया जा रहा है। मिट्टी युक्त गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। वही निर्माण कार्य के मसाले में सीमेंट, रेत ,गिट्टी की सही मात्रा में उपयोग नहीं किया जा रहा नहीं तराई की जा रही है, जिसकी वजह स्टाॅप डैम निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही साइड वाॅल की गिट्टी निकलने लगी और स्टाॅप डैम क्षतिग्रस्त हाने लगा है।सरपंच, सचिव ने कंक्रीट की जगह स्टाॅप डैम में भरा दिया बोल्डर …जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत ख़िरसारी सरपंच पुन्नू सिंह, सचिव राकेश कुमार ठाकुर और रोजगार सहायक रामसिंह पारासर के द्वारा पटपहरा नाला में लगभग 9 लाख रू. की लागत से स्टाॅप डैम का निर्माण कराया जा रहा है जहां जिम्मेदारों के द्वारा मापदंडो को दरकिनार करते हुए घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बता दे कि स्टाॅप डैम निर्माण में 20 एमएम गिट्टी निर्माण किया जाना चाहिए लेकिन जिम्मेंदारों डैम के बीचो बीच और साइड वाॅल में बोल्डर डाल दिया गया है। ऐसे में निकट भविष्य में कभी स्टाॅप डैम क्षतिग्रत हो जाएगी। जिसके जिम्मेदार कौन होगा? वहीं जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने के जिम्मेदारी दी गई वे चुप्पी साधे बैठे है।बिना सूचना पटल लगाए ही चल रहा लाखों रू. का स्टाप डैम निर्माण कार्य….ग्राम पंचायत ख़िरसारी में लाखों रू. की लागत से स्टाप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है। जो लगभग 90% पूरा हो चुका है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा निर्माण स्थल में सूचना पटल लगाना उचित ही नहीं समझा। जबकि कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ कराने से पहले निर्माण स्थल में सूचना पटल पर संबंधित निर्माण कार्य की जानकारी लिखना अनिवार्य है। किंतु जिम्मेदारों के द्वारा शासन के दिशा- निर्देशों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही रहे है। निर्माण स्थल में सूचना पटल नहीं होने के कारण ग्राम के आमजनों समेत अन्य लोंगो को उक्त स्टाप डैम की लागत एवं मद समेत अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है। अखिर क्या कारण के उपयंत्री समेत ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा जानकारी छुपाया जा रहा है।सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के विरूध्द कार्रवाई की दरकार…डिंडौरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत ख़िरसारी में कार्यरत सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भ्रष्टाचार करने के मामले में काफी चर्चित हैं,इनके द्वारा तमाम प्रकार के निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है,किंतु जिला प्रशासन के द्वारा सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं की जाती और न ही कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायत जिम्मेंदारों के विरूध्द कोई ठोस कार्रवाई नही होने के कारण हौसलें बुलंद है। आखिर उपर बैठे उच्चाधिकारी इसको रोक क्यों नहीं पा रहे हैं। यह भी एक बडा सवाल है कि कहीं उच्चाधिकारियों की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है, शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन रहते हैं, कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों के कमीशन की तरफ इशारा करता है। क्या आला अधिकारियों की मिलीभगत खुलेआम भ्रष्टाचार को छुपाने का यह खेल खेला जा रहा है।इनका कहना है,,उक्त स्टाॅप डैम निर्माण में अनियमितता की जानकारी आपके माध्यम से मिली है स्टाॅप डैम निर्माण कार्य में जो गड़बड़ी हुई है जांच कराकर संबंधितों के विरूध्द ठोस कार्रवाई की जाएगी।संदीप शुक्ला,उपयंत्री जनपद पंचायत डिंडौरी।
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन। जिले में सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य चरम पर है, एक तरफ सरकार के द्वारा निर्माण कार्यों को लेकर लाखों करोड़ों रू. खर्च कर रही है,किंतु सरपंच,सचिव के द्वारा मनमानी पूर्वक निर्माण कराते हुये स्वयं को आर्थिक लाभ पहुंचाने के चक्कर में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। दरअसल जनपद पंचायत डिंडौरी अंतर्गत ग्राम पंचायत ख़िरसारी के ग्राम जमुनिया में लाखों रू. की लागत से स्टाॅप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है, जहां सरपंच, सचिव के द्वारा घटिया सामग्री से पूरी तरह गुणवत्ताविहीन निर्माण करा रहें हैं। बता दे कि ग्राम जमुनिया में पंचायत के द्वारा सडक किनारे पटपरहा नाला में लगभग 9 लाख रू. की लागत से स्टाॅप डैम का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर कराया जा रहा है।
जहां ग्राम पंचायत सरपंच पुन्नू सिंह ,सचिव राकेश कुमार ठाकुर और रोजगार सहायक रामसिंह पारासर के द्वारा स्टाॅप डैम निर्माण में कंक्रीट की जगह बोल्डर डालवाया जा रहा है। मिट्टी युक्त गिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। वही निर्माण कार्य के मसाले में सीमेंट, रेत ,गिट्टी की सही मात्रा में उपयोग नहीं किया जा रहा नहीं तराई की जा रही है, जिसकी वजह स्टाॅप डैम निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही साइड वाॅल की गिट्टी निकलने लगी और स्टाॅप डैम क्षतिग्रस्त हाने लगा है।
सरपंच, सचिव ने कंक्रीट की जगह स्टाॅप डैम में भरा दिया बोल्डर …
जनपद पंचायत डिंडौरी के ग्राम पंचायत ख़िरसारी सरपंच पुन्नू सिंह, सचिव राकेश कुमार ठाकुर और रोजगार सहायक रामसिंह पारासर के द्वारा पटपहरा नाला में लगभग 9 लाख रू. की लागत से स्टाॅप डैम का निर्माण कराया जा रहा है जहां जिम्मेदारों के द्वारा मापदंडो को दरकिनार करते हुए घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। बता दे कि स्टाॅप डैम निर्माण में 20 एमएम गिट्टी निर्माण किया जाना चाहिए लेकिन जिम्मेंदारों डैम के बीचो बीच और साइड वाॅल में बोल्डर डाल दिया गया है। ऐसे में निकट भविष्य में कभी स्टाॅप डैम क्षतिग्रत हो जाएगी। जिसके जिम्मेदार कौन होगा? वहीं जिन्हें भ्रष्टाचार रोकने के जिम्मेदारी दी गई वे चुप्पी साधे बैठे है।
बिना सूचना पटल लगाए ही चल रहा लाखों रू. का स्टाप डैम निर्माण कार्य….
ग्राम पंचायत ख़िरसारी में लाखों रू. की लागत से स्टाप डैम निर्माण कार्य काराया जा रहा है। जो लगभग 90% पूरा हो चुका है लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा निर्माण स्थल में सूचना पटल लगाना उचित ही नहीं समझा। जबकि कोई भी निर्माण कार्य प्रारंभ कराने से पहले निर्माण स्थल में सूचना पटल पर संबंधित निर्माण कार्य की जानकारी लिखना अनिवार्य है। किंतु जिम्मेदारों के द्वारा शासन के दिशा- निर्देशों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाई जा रही रहे है। निर्माण स्थल में सूचना पटल नहीं होने के कारण ग्राम के आमजनों समेत अन्य लोंगो को उक्त स्टाप डैम की लागत एवं मद समेत अन्य जानकारी नहीं मिल पा रही है। अखिर क्या कारण के उपयंत्री समेत ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा जानकारी छुपाया जा रहा है।
सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के विरूध्द कार्रवाई की दरकार…
डिंडौरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत ख़िरसारी में कार्यरत सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक भ्रष्टाचार करने के मामले में काफी चर्चित हैं,इनके द्वारा तमाम प्रकार के निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है,किंतु जिला प्रशासन के द्वारा सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच नहीं की जाती और न ही कार्रवाई की जा रही है। ग्राम पंचायत जिम्मेंदारों के विरूध्द कोई ठोस कार्रवाई नही होने के कारण हौसलें बुलंद है। आखिर उपर बैठे उच्चाधिकारी इसको रोक क्यों नहीं पा रहे हैं। यह भी एक बडा सवाल है कि कहीं उच्चाधिकारियों की रजामंदी से यह सब तो नहीं हो रहा है, शायद इसी वजह से उच्चधिकारी मौन रहते हैं, कुल मिलाकर कार्रवाई न होना अधिकारियों के कमीशन की तरफ इशारा करता है। क्या आला अधिकारियों की मिलीभगत खुलेआम भ्रष्टाचार को छुपाने का यह खेल खेला जा रहा है।
इनका कहना है,,
उक्त स्टाॅप डैम निर्माण में अनियमितता की जानकारी आपके माध्यम से मिली है स्टाॅप डैम निर्माण कार्य में जो गड़बड़ी हुई है जांच कराकर संबंधितों के विरूध्द ठोस कार्रवाई की जाएगी।
संदीप शुक्ला,उपयंत्री जनपद पंचायत डिंडौरी।



