तीन दिन में मांगा स्पष्टीकरण, नहीं देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन। ग्राम पंचायत भाजीटोला की सरपंच अनुसुईया परतेती पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। जनपद पंचायत समनापुर द्वारा की गई जांच में कई विकास कार्यों के अभिलेख अनुपलब्ध पाए गए, जिससे संबंधित कार्यों की वास्तविकता की पुष्टि नहीं हो सकी। इस पर जिला पंचायत डिंडौरी द्वारा सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तीन दिवस के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच प्रतिवेदन के अनुसार, ग्राम पंचायत भाजीटोला में पेयजल व्यवस्था हेतु 2.80 लाख रुपये की राशि आहरित की गई, जबकि नल-जल योजना के दोनों बोर बंद पाए गए और गांव में जल आपूर्ति पूर्णतः ठप है। इस कार्य से संबंधित कोई दस्तावेज जांच दल को नहीं सौंपे गए।
इसके अतिरिक्त दुर्गा मंदिर से शिवचरण के घर तथा पंचायत भवन से नदी तक नाली निर्माण कार्य स्थल पर मिला, परंतु इन कार्यों की नस्ती भी प्रस्तुत नहीं की गई। साथ ही मनरेगा योजना अंतर्गत फर्जी मस्टर रोल बनाकर मजदूरी भुगतान और अपूर्ण पुलिया निर्माण कार्यों की भी शिकायतें जांच में सामने आई हैं। सीसी रोड निर्माण में भी गड़बड़ी उजागर हुई, जहां दो स्थानों पर कार्य तो मिला, परंतु उससे संबंधित कोई अभिलेख जांच टीम को नहीं दिए गए।
जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि दस्तावेजों की अनुपलब्धता और जांच में सहयोग न देना, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना और प्रशासनिक कार्यों में घोर लापरवाही का संकेत देता है। यह मध्यप्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1993 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। सरपंच को निर्देशित किया गया है कि वह तीन दिवस के भीतर समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें, अन्यथा उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगी।


