टीआई धीरज राज को कार्यवाहक निरीक्षक से मूल पद पर वापस करने की माँग….

पत्रकारों के विरूद्ध दर्ज मामलें की उच्च स्तरीय जांच की माँग….

पूर्व केबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे सीएम एवं गृहमंत्री के सामने रखेंगें पत्रकारों की बात….

डिंडौरी,रामसहाय मर्दन| पत्रकारों एवं अन्य के विरूद्ध फर्जी मामला दर्ज करने के मामलें को लेकर जिले के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री के नाम कलेक्टर को 8 सूत्रीय मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में लेख हैं कि समनापुर थाना प्रभारी धीरज राज पर आरोप है कि उनके द्वारा षड्यंत्र पूर्वक पत्रकारों सहित अन्य के विरूद्ध फर्जी मामला दर्ज कर अनैतिक दवाब बनाया जा रहा है, जिससे आमजनों में भय का माहौल है। समनापुर थाना प्रभारी धीरज राज के द्वारा अनेक लोगों के विरूद्ध फर्जी मामला दर्ज कर जेल भेजा गया हैं एवं कई संज्ञेय मामलों में अपराधियों से साँठ-गाँठ कर अपराधियों को बचाया जाता हैं। टीआई धीरज राज के द्वारा पद का दुरुपयोग कर मनमानी करते हुए अपराधियों को संरक्षण देने और बेगुनाहों को जबरन फर्जी मामलों में फंसा कर जेल भेजने का काम किया जाता है, उक्त टीआई की पुलिस महानिदेशक कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सैकड़ो शिकायत की जांच लंबित हैं,डीजीपी द्वारा आदेश जारी करने के बाद भी आज दिनाँक तक कोई कार्रवाई नही की गई हैं। वर्तमान में एक पत्रकार के ऊपर संज्ञेय अपराध पंजीबद्ध कर जेल भेजने के फ़िराक़ में थे लेकेन माननीय न्यायालय ने निराधार मानते हुए जमात में रिहा कर दिया गया । गृह विभाग द्वारा पत्रकारों के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों का एसडीओपी/ एडीशनल एसपी रैंक के अधिकारियों से जांच उपरांत अपराध पंजीबद्ध किये जाने के निर्देश हैं,जिसका उल्लंघन टीआई धीरज राज के द्वारा किया गया है।

समनापुर थाना में पदस्थ टीआई धीरज राज, हवलदार हेमंत सार्वे को थाना से हटाकर मामलें की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग की है । धीरज राज कार्यवाहक थाना प्रभारी के पद में पदस्थ है, इनका कार्यवाहक प्रभार निरस्त किया जाकर सम्बंधित को मूल पद पर वापस पदस्थ किया जाये । पुलिस द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई कार्रवाई से डिंडौरी जिले के पत्रकार भयभीत हैं,इस तरह बेबुनियाद शिकायतों पर पत्रकारों के विरूद्ध मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी तो पत्रकारिता करना मुश्किल हो जायेगा।

सार्थक परिणाम की उम्मीद….

पत्रकारों ने पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे को मामले को लेकर अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया था, मुख्यमंत्री व गृह मंत्री से आज बैठक संभावित है,उक्त विषय को लेकर शीघ्र ही सार्थक परिणाम की उम्मीद की जा सकती हैं।

इनका कहना है….

डिंडौरी मध्यप्रदेश का आदिवासी बाहुल्य ज़िला है जो अपने आप में शांति का प्रतीक है,लेकिन देखा जा रहा है कुछ अप्रिय व कार्यवाहक पुलिस प्रभारी के द्वारा मनगढ़ंत षड्यंत्र पूर्वक संज्ञेय अपराध दर्ज किए जा रहे है, जिसको माननीय न्यायालय ने भी निराधार ठहराया है। इस तरह के कृत्य से शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी । हिंदुस्तान में रूल ऑफ़ लॉ का कॉन्सेप्ट प्रिवेल करता है,कार्यवाहक थाना प्रभारी को ज़रूरत है वो अपने व्हिम्स एंड फ़ैन्सिज़ पर कंट्रोल करें।

एड सम्यक् जैन,डिंडौरी

 

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