उप संचालक किसान कल्याण उमेश कुमार कटहरे ने जारी किया आदेश, संभागीय गुण नियंत्रण दल के निरीक्षण में हुआ खुलासा, सात दिन में जवाब नहीं दिया तो होगी वैधानिक कार्रवाई
साईडलुक, जबलपुर। जबलपुर जिले में उर्वरक कारोबार में गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कृषि उपज मंडी स्थित श्री बजरंग फर्टीलाइजर का थोक उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास उमेश कुमार कटहरे ने की है। बजरंग फर्टीलाइजर के गोदाम में लगभग एक साल से आईपीएल कंपनी का इम्पोर्टेड डीएपी बड़ी मात्रा में भंडारित पाया गया था जिसके बाद यह एक्शन लिया गया है।
उप संचालक उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि श्री बजरंग फर्टीलाइजर का संभागीय गुण नियंत्रण दल द्वारा निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान टीम को पता चला कि प्रतिष्ठान में आईपीएल कंपनी का इम्पोर्टेड डीएपी लगभग एक वर्ष से भंडारित करके रखा गया है। इतनी लंबी अवधि तक डीएपी का भंडारण करना नियमों के खिलाफ है और इससे किसानों को समय पर उर्वरक नहीं मिल पाता। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए प्रतिष्ठान संचालक को पहले कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
श्री कटहरे ने बताया कि प्रतिष्ठान संचालक द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 31(2) के अंतर्गत बजरंग फर्टीलाइजर का थोक उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि लाइसेंस निलंबन के साथ ही बजरंग फर्टीलाइजर के संचालक को सात दिवस के भीतर अपना अंतिम स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि सात दिन के अंदर दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो प्रतिष्ठान के खिलाफ और भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।

