सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया फैसला, खुफिया रिपोर्ट में नेताओं पर हमले की आशंका, जनता के गुस्से को देखते हुए बढ़ाई गई सुरक्षा
साईडलुक, डेस्क। उत्तर प्रदेश में जनता की बढ़ती नाराजगी और हाल के दिनों में नेताओं के साथ हुई घटनाओं को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। यूपी में 52 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट दी जाएगी। इस लिस्ट में सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष के नेताओं का भी नाम शामिल है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद गृह विभाग ने यह फैसला लिया है और सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई जिलों में नेताओं का जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है। कहीं स्कूलों की बदहाली को लेकर घेराव हुआ तो कहीं सड़क और विकास के मुद्दे पर जनता ने नेताओं के काफिले रोक दिए। रामपुरा के कांवरपुरा में भैंस के बाड़े में चल रहे स्कूल के ऑडिट के दौरान टीम पर हमला और हमीरपुर के जमरेही गांव में बच्चों द्वारा सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन जैसी घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जनता में आक्रोश बढ़ रहा है और कुछ असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाकर नेताओं को निशाना बना सकते हैं।
इसी रिपोर्ट के आधार पर 52 नेताओं की सूची तैयार की गई है जिन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। इस सूची में भाजपा के कई मंत्री और विधायक शामिल हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई बड़े नेताओं को भी सुरक्षा कारणों से बुलेटप्रूफ जैकेट दी जा रही है। सरकार का कहना है कि वह सभी नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
विपक्ष ने इस फैसले पर तंज कसा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को बुलेटप्रूफ जैकेट बांटने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अगर स्कूलों की बिल्डिंग ठीक हो जाए, गांवों में सड़कें बन जाएं और बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने लगे तो जनता खुद ब खुद नेताओं का सम्मान करेगी और बुलेटप्रूफ जैकेट की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। फिलहाल इस फैसले के बाद यूपी की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

