धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में 30 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन
साईडलुक, डेस्क। मत्स्य विभाग ने अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं और किसानों के लिए स्वरोजगार का बड़ा द्वार खोला है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को शामिल करते हुए जबलपुर जिले के चयनित 171 आदिवासी ग्रामों के हितग्राहियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोग मछली पालन से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
सहायक संचालक मत्स्य राजा राज तिलक धुर्वे ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन जनजातीय हितग्राहियों के लिए है जो मत्स्यपालन गतिविधियों के माध्यम से अपना स्वयं का रोजगार स्थापित करना चाहते हैं। विभाग द्वारा इस योजना के तहत कई आधुनिक और लाभकारी इकाइयों के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं, जिनमें मिनी आरएएस सिस्टम, बायोफ्लॉक टैंक, पॉण्ड बायोफ्लॉक, संवर्धन पोखर का निर्माण, मछली विक्रय के लिए साइकिल, मोटरसाइकिल तथा आइस बॉक्स युक्त ऑटोरिक्शा और फिश सेलिंग कियोस्क की स्थापना शामिल है। इसके अलावा मत्स्यपालन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के लिए भी इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं।
योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसमें मिलने वाला अनुदान है। पात्र हितग्राहियों को इकाई लागत की 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में शासन द्वारा प्रदान की जाएगी, जिससे बहुत कम लागत में जनजातीय परिवार अपना मत्स्य व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि जिले में मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ केवल जबलपुर जिले के चिन्हित 171 ग्रामों में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को ही दिया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इच्छुक हितग्राही अंतिम तिथि से पूर्व अपना आवेदन मत्स्यपालन विभाग के जिला कार्यालय जबलपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं। अधिक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए जिला कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 7898333671 पर संपर्क किया जा सकता है।

