अनमोल पोर्टल पर जीरो एंट्री और पीसीपीएनडीटी में आधे से भी कम फॉर्म-F मिलने पर CMHO ने की कार्रवाई, नए मरीजों की भर्ती पर रोक
साईडलुक, जबलपुर। शहर के निजी अस्पतालों में मानकों और पोर्टल एंट्री को लेकर लापरवाही बरतने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राइट टाउन स्थित शिशु मंगल हॉस्पिटल का पंजीयन और लाइसेंस 15 दिवस के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी द्वारा की गई है। अस्पताल पर अनमोल और पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर निर्धारित प्रविष्टियां नहीं करने के साथ ही निरीक्षण के दौरान कई अन्य गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर यह कदम उठाया गया है।
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 को जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई और पीसीपीएनडीटी शाखा से सौरभ चोटिल की संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में जो तथ्य सामने आए, उसने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
जांच टीम ने पाया कि अस्पताल में रोजाना 8 से 10 गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए आती हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने अनमोल पोर्टल पर एक भी प्रविष्टि नहीं की थी। इसी तरह सोनोग्राफी से जुड़े मामलों में भी भारी लापरवाही उजागर हुई। फरवरी 2026 से लेकर निरीक्षण की तारीख 12 अक्टूबर तक अस्पताल में कुल 21 सोनोग्राफी जांचें की गईं, जबकि पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर इनमें से केवल 9 प्रकरणों के ही फॉर्म-F की एंट्री की गई थी, जो कुल जांचों के 50 प्रतिशत से भी कम है। नियमानुसार प्रत्येक सोनोग्राफी जांच का फॉर्म-F पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है।
इतना ही नहीं निरीक्षण के दौरान अस्पताल में योग्य एलोपैथिक चिकित्सक मौजूद नहीं पाया गया। नर्सिंग स्टाफ की योग्यता से संबंधित दस्तावेज भी मौके पर प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके अलावा बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान, फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई में भी खामियां मिलीं।
इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल का पंजीयन 15 दिन के लिए निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में किसी भी नए मरीज की भर्ती पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों को लेकर निर्देश दिया गया है कि उनका समुचित उपचार जारी रखा जाए और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर उन्हें नियमानुसार डिस्चार्ज किया जाए या जरूरत होने पर किसी अन्य पंजीकृत अस्पताल में सुरक्षित रूप से शिफ्ट किया जाए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी निजी चिकित्सालयों के लिए अनमोल और पीसीपीएनडीटी पोर्टल पर समय पर एंट्री करना अनिवार्य है। साथ ही मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं के निर्धारित मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

