बुढेरूआ-जरियारी मार्ग पर आवागमन ठप, प्रशासन ने रास्ता सील कर डायवर्जन लागू किया
साईडलुक, मैहर। तहसील के बुढेरूआ-जरियारी और नादन-जरियारी को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित नहर के ऊपर बना विलेज रोड ब्रिज अचानक बीच से धंस गया। गनीमत रही कि जिस वक्त पुल धंसा उस वक्त उस पर कोई भारी वाहन या ग्रामीण मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पुल के धंसने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। गुरुवार दोपहर मैहर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह स्वयं दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त पुल का बारीकी से निरीक्षण किया और मौजूद ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली। प्रारंभिक तौर पर पुल की जमीन में धंसने और निर्माण गुणवत्ता में कमी की आशंका जताई जा रही है।
कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश, जांच कमेटी गठित
मौके पर कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने बेहद सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुल के धंसने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तत्काल एक तकनीकी जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस कमेटी में जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो पुल के निर्माण सामग्री, डिजाइन और रखरखाव से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी। कलेक्टर ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट आते ही जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी विभाग का हो। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन ने उठाए सुरक्षा के कड़े कदम
किसी भी अप्रिय घटना और जनहानि को रोकने के लिए प्रशासन ने मौके पर ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं। क्षतिग्रस्त पुल के दोनों छोर पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई है ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से भी इस खतरनाक पुल की ओर न जाए। ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने बगल से ही एक वैकल्पिक डायवर्जन मार्ग को व्यवस्थित करना शुरू कर दिया है, ताकि लोगों का संपर्क टूटे नहीं। राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को लगातार मौके पर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों और सरपंचों से की विशेष अपील
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी ने बुढेरूआ, जरियारी, नादन और आसपास के गांवों के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और ग्राम सरपंचों से भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि यह पुल फिलहाल बेहद खतरनाक स्थिति में है और कभी भी पूरी तरह से गिर सकता है। इसलिए सभी लोग एहतियात बरतें और अपनी जान जोखिम में न डालें। जब तक पुल की मरम्मत या नया निर्माण नहीं हो जाता, तब तक केवल प्रशासन द्वारा बताए गए परिवर्तित मार्ग का ही उपयोग करें। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी आमजन से सहयोग बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

