34 पुराने मामले फिर पहुंचे जनसुनवाई में, राजस्व और अतिक्रमण के सर्वाधिक प्रकरण
साईडलुक, जबलपुर। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं का अंबार लगा रहा। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्वयं नागरिकों की फरियाद सुनी और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के सख्त निर्देश दिए। मंगलवार की जनसुनवाई में कुल 94 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें बड़ी संख्या में राजस्व से जुड़े मामलों की अधिकता रही।
प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस बार प्राप्त हुए कुल आवेदनों में 34 ऐसे आवेदन थे जो दूसरी या तीसरी बार जनसुनवाई में पहुंचे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन पुराने आवेदनों पर पूर्व में की गई कार्यवाही की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। वहीं 60 आवेदन ऐसे थे जो पहली बार जनसुनवाई में आए हैं।
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का यदि विषयवार विश्लेषण किया जाए तो अतिक्रमण हटाने, भूमि के सीमांकन, नामांतरण, भूमि डायवर्सन और कब्जा संबंधी मामले सबसे अधिक रहे। इसके अलावा कई नागरिक धान खरीदी के भुगतान में देरी, पेंशन स्वीकृति में विलंब, आयुष्मान कार्ड नहीं बनने, स्कूल से टीसी नहीं मिलने, नाली और पेयजल की समस्या तथा आपसी विवाद और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर पहुंचे थे। कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए सभी तहसीलदारों और राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जनसुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर रविशंकर राय, अपर कलेक्टर ए के सिंह, अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह सहित जिला पंचायत, नगर निगम, राजस्व, खाद्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि जनसुनवाई में आए हर आवेदन को जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कर उसकी प्रगति की जानकारी आवेदक को भी दी जाए ताकि लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

