सड़क हादसे में कर्मचारी संजय पटेल की मौत से फैला आक्रोश, मुआवजे और आश्रित को नौकरी की मांग पर अड़े परिजन, कई थानों की पुलिस तैनात
साईडलुक, मैहर। जिले के औद्योगिक क्षेत्र स्थित केजेएस सीमेंट प्लांट के मुख्य द्वार पर शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति बन गई जब एक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले कर्मचारी का शव लेकर उसके परिजन और सैकड़ों ग्रामीण प्लांट गेट पर पहुंच गए और शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते प्लांट के मुख्य गेट पर भीड़ बढ़ती चली गई और माहौल पूरी तरह से गमगीन के साथ-साथ आक्रोशित हो गया। परिजनों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक प्रबंधन मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक शव को नहीं उठाया जाएगा।
ड्यूटी पर जाते समय तेज रफ्तार कार ने लिया चपेट में
मिली जानकारी के अनुसार केजेएस सीमेंट प्लांट में कार्यरत कर्मचारी संजय पटेल रोज की तरह शुक्रवार सुबह अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि संजय गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों और प्लांट के अन्य कर्मचारियों ने उन्हें संभाला और आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उनकी सांसे थम गईं। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
न्याय की मांग को लेकर गेट पर डटे परिजन
इलाज के दौरान मौत के बाद गुस्साए परिजन सीधे शव लेकर केजेएस सीमेंट प्लांट के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। उनका कहना था कि संजय परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और वह ड्यूटी पर जाते समय ही हादसे का शिकार हुआ है, इसलिए उसकी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की भी बनती है। परिजनों ने मांग रखी कि दुख की इस घड़ी में कंपनी प्रबंधन को मानवता दिखाते हुए पीड़ित परिवार को सम्मानजनक मुआवजा राशि देनी चाहिए और परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक आश्रित को प्लांट में स्थायी तौर पर रोजगार देना चाहिए। मांगों को लेकर परिजन और स्थानीय ग्रामीण गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
कई थानों का पुलिस बल मौके पर, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
प्लांट के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन की सूचना जैसे ही पुलिस और प्रशासन को मिली, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैहर कोतवाली के साथ-साथ अमदरा, उचेहरा और देवलहा सहित आसपास के थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने प्लांट परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया और भीड़ को नियंत्रित करने में जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और साथ ही कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों को भी वार्ता के लिए बुलाया। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा और नियमानुसार हर संभव मदद दिलाई जाएगी।
समाचार लिखे जाने तक कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच समझौते को लेकर बातचीत जारी थी और प्लांट के मुख्य द्वार पर गहमागहमी बनी हुई थी। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रबंधन की ओर से परिजनों को क्या आश्वासन मिलता है।

