अनुग्रह सहायता से लेकर अतिक्रमण, नामांतरण और बीपीएल कार्ड तक के मामले गूंजे, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के सख्त निर्देश
साईडलुक, जबलपुर। जिला प्रशासन की साप्ताहिक जनसुनवाई में मंगलवार को नागरिकों की समस्याओं की झड़ी लग गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने खुद एक-एक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान कुल 123 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 26 आवेदन ऐसे थे जो निराकरण न होने के कारण दोबारा जनसुनवाई में पहुंचे थे।
सुबह 11 बजे से शुरू हुई जनसुनवाई दोपहर तक चली। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए आवेदकों ने अपनी-अपनी पीड़ा कलेक्टर के समक्ष रखी। प्राप्त आवेदनों का यदि वर्गीकरण किया जाए तो सबसे अधिक मामले राजस्व से जुड़े रहे। सीमांकन, नामांतरण, रिकॉर्ड सुधार और मालिकाना हक दिलाने जैसे मामलों पर कई किसानों ने गुहार लगाई। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने, धान का भुगतान अटके होने, पेंशन भुगतान में देरी, समयमान वेतनमान, आपसी लड़ाई-झगड़े, बीपीएल कार्ड में नाम जोड़ने और आर्थिक सहायता तथा अनुग्रह सहायता राशि की मांग को लेकर भी बड़ी संख्या में आवेदन आए।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने प्रत्येक आवेदन पर संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, नगर निगम और खाद्य, राजस्व, पंचायत एवं सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि शासन की मंशा है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को न्याय मिले। दोबारा आए 26 आवेदनों को लेकर कलेक्टर ने नाराजगी भी जताई और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि अगली जनसुनवाई तक इन पुराने प्रकरणों का संतोषजनक निराकरण नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने कई मामलों का मौके पर ही निराकरण करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने बताया कि सभी 123 आवेदनों को पोर्टल पर दर्ज कर लिया गया है और इनकी प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी।

