प्रचार रथ के माध्यम से रानी दुर्गावती पर केन्द्रित लघु फिल्मों किया गया प्रदर्शन ग्राम झगरहटा, राछो, कैलवारा, जमगांव और बटौंधा में गौरव यात्रा का जनजातीय परंपरा से ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत…..

डिंडौरी(रामसहाय मर्दन)| वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने आदिवासी जननायकों को सम्मानित करने का काम किया है। उन्होंने रानी दुर्गावती, बिरसा मुंडा, टंट्या मामा, भीमा नायक जैसे अनेक आदिवासी जननायकों की प्रतिमा स्थापित कर गौरांवित किया है। जिससे आदिवासी जननायकों के शहीद स्थलों पर शौर्य और स्वाभिमान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। वन मंत्री श्री कुंवर विजय शाह रविवार को ग्राम झगरहटा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान जनपद पंचायत शहपुरा अध्यक्ष प्रियंका आर्मो, कलेक्टर विकास मिश्रा, वन मण्डलाधिकारी साहिल गर्ग, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा गणेश पाण्डेय, अनुसूचित जनजाति युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह तेकाम, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष महेश धूमकेती सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

रविवार को गौरव यात्रा का ग्राम राछो, कैलवारा, जमगांव (अमनी पिपरिया) और बटौंधा में लोकगीत व लोक नृत्य द्वारा भव्य स्वागत किया गया। पुष्प वर्षा कर जय-जयकार के नारे लगाए गए। आयोजित कार्यक्रमों का अतिथियों द्वारा रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम स्थल पर वीरांगना रानी दुर्गावती गौरव यात्रा के साथ चल रहे प्रचार रथ में एलईडी वाॅल के माध्यम से रानी दुर्गावती के जीवन से जुड़ी गाथाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था।

वनमंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि भारतीय इतिहास में रानी दुर्गावती ने मुगलों से कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती को न्यायप्रिय एवं प्रजापालक शासिका जो दोनों हाथों से तलवार चलाती थी। मातृभूमि की रक्षा के लिए रणचंडी बनकर युद्ध के मैदान में उतरती थीं, वह प्रजा की रक्षक थी। उन्होंने अपने 39 वर्ष के जीवन काल में 52 युद्ध किए जिसमें 51 युद्धों में विजय पाई। उन्होंने बताया कि गोंडवाना साम्राज्य की तरफ जिसने भी ऑख उठाकर देखा, उसे पराजित होना पड़ा है। देश की आजादी के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिए, लेकिन उन्हें इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि इतिहास को पुनः लिखने की आवश्यकता है, जिससे मातृ भूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जन नायकों को इतिहास में उचित स्थान मिल सके। वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेज सरकार से आजादी के लिये कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने स्वतंत्रता के लिए अंग्रेज सरकार को ललकारा, जिससे अपनी मातृभूमि को स्वतंत्रता मिल सके। अंग्रेज सरकार ने पिता और पुत्र को तोप के मुँह में बांधकर उड़ा दिया। लेकिन इतिहास में उन्हें भी उचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने स्वतंत्रता के जननायक सुभाषचन्द्र बोस, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, बिरसा मुंडा, भीमा नायक, टंट्या मामा के बारे में भी बताया। ग्राम बटौंधा में आयाजित गौरव यात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत देश का गौरव पूरी दुनिया में बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था को गिरने नहीं दिया। कोरोना पीड़ित व्यक्ति और उसके परिवार के लिए उपचार का पूरा-पूरा प्रबंध किया। वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना प्रारंभ कर बहनों के खाते में एक-एक हजार प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि मिलने पर बहनों को आर्थिक मदद मिल रही है। उन्हें जरूरत के समय किसी के पास हाथ नहीं फैलाने पडेंगे। वह जरूरत के हिसाब से अपने खर्चों को पूरा कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि को बढ़ाकर तीन हजार रूपये प्रतिमाह कर दिया जायेगा। गांव-गांव में गौरव यात्रा के आगमन पर ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया।


वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने ग्राम बटौंधा में कार्यक्रम के पूर्व प्राथमिक विद्यालय बटौंधा के प्रांगण में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर कलेक्टर विकास मिश्रा, वन मण्डलाधिकारी श्री साहिल गर्ग, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा गणेश पाण्डेय, अनुसूचित जनजाति युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह तेकाम, अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष महेश धूमकेती सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे। वीरांगना रानी दुर्गावती की गौरव यात्रा रात्रि विश्राम शहपुरा में कर रविवार को ग्राम झगरहटा, राछो, कैलवारा, जमगांव और बटौंधा होते हुए उमरिया जिले के लिए प्रस्थान हुई। वन मंत्री शाह ने बताया कि इस यात्रा का समापन 27 जून को शहडोल में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं मौजूद रहेंगे। उन्होंने आमजन से शहडोल पहुंच कार्यक्रम में शामिल होने की अपील भी की है।

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