रास्ता रोककर लाठी-डंडों से पीटकर की थी हत्या, शव नाली में फेंका; विशेष न्यायालय ने सुनाई सख्त सजा
साईडलुक, डिंडौरी। थाना गाड़ासरई क्षेत्र में वर्ष 2020 में एक आदिवासी युवक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने और शव को नाली में फेंकने के जघन्य मामले में विशेष न्यायालय ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट श्रीमति शशिकान्ता वैश्य ने आरोपी हेमराज उर्फ भेला मरकाम, आशीष तिवारी और धर्मेन्द्र सोनवानी को कठोर सजा से दंडित किया है।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे ने बताया कि थाना गाड़ासरई के अपराध क्रमांक 320/2020 में आरोपी हेमराज उर्फ भेला पिता फेरूसिंह मरकाम उम्र 50 वर्ष, आशीष पिता मुन्ना तिवारी उम्र 32 वर्ष एवं धर्मेन्द्र पिता भागवतदास सोनवानी उम्र 40 वर्ष, सभी निवासी ग्राम समनापुर थाना समनापुर के विरुद्ध आदिवासी युवक का रास्ता रोककर हाथ, लात, घूंसा और लकड़ी के डंडे से मारपीट कर हत्या करने का आरोप सिद्ध हुआ है। थाना गाड़ासरई पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना के बाद चालान न्यायालय में पेश किया था।
विशेष न्यायाधीश ने आरोपी आशीष तिवारी और धर्मेन्द्र सोनवानी को धारा 302/149 भारतीय दंड संहिता के तहत आजीवन कठोर कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। धारा 201 भादसं के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड, न देने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास दिया गया है। धारा 341 भादसं सहपठित धारा 3(2)(vक) एससी-एसटी एक्ट में एक माह साधारण कारावास तथा धारा 3(2)(v) एससी-एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वहीं आरोपी हेमराज उर्फ भेला मरकाम को धारा 302/149 भादसं के तहत आजीवन कठोर कारावास और 20,000 रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास तथा धारा 201 भादसं के तहत तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड, न देने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
घटना का विवरण
घटना 12 दिसंबर 2020 की है। प्रार्थी सालेह घुघरी निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका मामा तुलाराम मरावी समनापुर रझाईटोला में अकेले रहता था। 12 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे तुलाराम घर में ताला डालकर अपनी नई मोटरसाइकिल से गाड़ासरई तरफ जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन घर वापस नहीं आया। 13 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे पता चला कि ग्राम गिरवरपुर में नर्सरी प्लांट के पास नाली में शव पड़ा है। 14 दिसंबर को प्रार्थी अपने भाई के साथ मौके पर पहुंचा तो माध्यमिक शाला ग्राउंड के सामने नर्सरी प्लांट के पास नाली में शव पड़ा मिला। शव का चेहरा जरकिन से ढका था। जरकिन हटाने पर पहचान हुई कि शव उसके मामा तुलाराम मरावी का है। सिर में बाएं तरफ गंभीर चोट का निशान था, पेट पर रगड़दार चोटें थीं और सिर तथा चेहरा खून से लथपथ था। तुलाराम की मृत्यु किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ठोस वस्तु से सिर और शरीर में गंभीर चोटें पहुंचाने से हुई थी। रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच की गई और संकलित साक्ष्यों के आधार पर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

