एनसीआरबी के आंकड़े डराते हैं, प्यार बना मर्डर की तीसरी बड़ी वजह; पुणे में मंगेतर की हत्या ने फिर छेड़ी बहस
साईडलुक, (सत्यजीत यादव)। “प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है”… मगर देश में बढ़ते अपराधों की फेहरिस्त बता रही है कि यह इश्क अब जानलेवा भी होता जा रहा है। आंकड़े चौंकाते हैं—भारत में हर 10 में से एक कत्ल की वजह सिर्फ मोहब्बत या अवैध संबंध निकल रही है। निजी रिश्तों में बढ़ती हिंसा ने प्यार को मर्डर की तीसरी सबसे बड़ी वजह बना दिया है।
ताजा मामला महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया है, जहां सिया गोयल पर अपने ही मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस जांच में सामने आया कि सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। शुरुआत में वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन गहन छानबीन के बाद पूरे षड्यंत्र से पर्दा उठ गया। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है।
यह कोई अकेला मामला नहीं है। इसी साल अप्रैल में मुंबई के विरार में 27 साल के युवक ने अपनी मंगेतर और उसकी मां की बेरहमी से हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि लड़की की मां ने दोनों की शादी से इनकार कर दिया था। फरवरी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आई खबर ने भी सबको हिला दिया, जब 22 साल की लड़की ने अपने 25 साल के बॉयफ्रेंड को चाकू से गोद-गोदकर मार डाला। हत्या की वजह सिर्फ इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किया जाना था।
मार्च 2025 में मेरठ से सौरभ राजपूत हत्याकांड ने पूरे देश को सन्न कर दिया था। सौरभ की पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी और शव को नीले ड्रम में डालकर ऊपर से कंक्रीट भर दिया, ताकि राज कभी न खुले।
विशेषज्ञ मानते हैं कि रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता, सोशल मीडिया का दबाव और भावनात्मक अस्थिरता युवाओं को हिंसक कदम उठाने पर मजबूर कर रही है। मामूली कहासुनी, शक, बेवफाई या रिश्ता टूटने का डर अब खून-खराबे तक पहुंच रहा है। मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक रिलेशनशिप में संवाद की कमी और ‘या तो मेरा होगा या किसी का नहीं’ वाली सोच इस तरह के अपराधों को बढ़ावा दे रही है।
पुलिस और समाजशास्त्रियों का कहना है कि प्यार में हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए युवाओं की काउंसलिंग, परिवार में खुला संवाद और समय पर हस्तक्षेप बेहद जरूरी है। कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन जब तक सोच नहीं बदलेगी, तब तक इश्क के नाम पर कत्ल की ये खौफनाक दास्तानें थमने वाली नहीं हैं।

