डिंडौरी कोर्ट का सख्त फैसला, आरोपी को अलग-अलग धाराओं में कारावास और अर्थदंड से किया दंडित
साईडलुक, डिंडौरी। फोन पर लगातार परेशान करने, पीछा करने और गाली गलौज करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जिला डिंडौरी की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी को सजा से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी दिलावर धुर्वे ने बताया कि थाना डिंडौरी में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 647/2025 और सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 में आरोपी पीयूष यादव पिता रेतु यादव उम्र 22 वर्ष निवासी सब्जी मंडी समनापुर थाना समनापुर जिला डिंडौरी को दोषी पाया गया है।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता वार्ड क्रमांक 9 नर्मदा गंज डिंडौरी की रहने वाली है। पीड़िता की आरोपी से पिछले तीन वर्षों से जान पहचान थी और फोन पर बातचीत होती थी। आरोप है कि आरोपी ने दोस्ती से आगे बढ़कर पीड़िता पर शादी करने और साथ रहने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता द्वारा मना करने पर आरोपी ने लगातार फोन कर परेशान करना, पीछा करना और अश्लील गाली गलौज करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। दिनांक 6 सितंबर 2025 को शाम करीब 6 बजे जब पीड़िता नर्मदा डेम घाट गई हुई थी, तब आरोपी ने वहां पहुंचकर हाथ पकड़कर खींचा और मारपीट की।
इस शिकायत पर थाना डिंडौरी पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान माननीय न्यायालय में पेश किया था। मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जिला डिंडौरी ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(1)(ii)2, 78 1(i)2, 79, 115(2), 75(1)(i)2 के तहत दोषी मानते हुए प्रत्येक धारा में तीन-तीन माह और एक धारा में एक माह के साधारण कारावास तथा 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।

