लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा योगी जी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगे, नगर निगम ने किया भव्य समारोह का आयोजन
साईडलुक, जबलपुर। नगर निगम द्वारा रविवार को शहर के डिलाइट चौक पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन कर समाजसेवी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे योगेंद्र सिंह योगी की स्मृति को चिरस्थायी बनाया गया। समारोह में डिलाइट चौक से माता मरियम तक जाने वाली सड़क का नामकरण योगेंद्र सिंह योगी मार्ग के रूप में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह उपस्थित रहे, जबकि समारोह की अध्यक्षता महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने की। इस अवसर पर केंट विधायक अशोक रोहाणी, उत्तर-पूर्व विधायक अभिलाष पांडे, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, जबलपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष संदीप जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, पूर्व महापौर प्रभात साहू, दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप रजक, आनंद बरनार्ड सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने योगेंद्र सिंह योगी को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन उनके नाम के अनुरूप था। गृहस्थ होते हुए भी उन्होंने योगियों जैसा त्याग और सेवा का जीवन जिया। वे अपना अधिकांश समय समाज और लोगों की भलाई के लिए समर्पित कर देते थे। यदि किसी कार्य को पूरा करने का संकल्प ले लेते तो किसी भी बाधा के सामने नहीं रुकते थे। उन्होंने कहा कि योगी जी का हर व्यक्ति से आत्मीय संबंध था और वे हर किसी के सुख-दुख में सहभागी बनते थे। स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित किया। अंडमान-निकोबार में पदस्थापना के दौरान भी उन्होंने वहां समाज के बीच ऐसी पहचान बनाई कि आज भी लोग उन्हें आत्मीयता से याद करते हैं। उन्होंने कहा कि योगी जी के निधन से जो रिक्तता आई है उसकी पीड़ा जीवनभर रहेगी। अस्पताल में अंतिम दिनों में हुई उनसे बातचीत आज भी स्मृतियों में ताजा है।
मंत्री श्री सिंह ने नगर निगम द्वारा उनके नाम पर सड़क का नामकरण किए जाने पर महापौर और परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि यदि समाज में योगेंद्र सिंह जैसे व्यक्तित्व लगातार मिलते रहें तो समाज में आत्मीयता, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना सदैव बनी रहेगी।
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि योगेंद्र सिंह योगी के नाम पर मार्ग का नामकरण करने का प्रस्ताव मिलते ही उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। नगर निगम के एमआईसी सदस्यों, सभी पार्षदों तथा पक्ष-विपक्ष के सहयोग से सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने आग्रह किया कि योगेंद्र सिंह योगी के नाम के साथ कभी भी स्वर्गीय शब्द न जोड़ा जाए क्योंकि वे आज भी लोगों के हृदय में जीवित हैं। उन्होंने परिवार और समाज से अपील की कि हर वर्ष उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर सामाजिक आयोजन किए जाएं ताकि उनकी सेवा की परंपरा आगे बढ़ती रहे।
विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि योगी जी का नाम आते ही कंधे पर थैला लटकाए सेवा और समर्पण के लिए निकलने वाले कर्मयोगी की छवि सामने आ जाती है। उन्होंने जीसीएफ में कर्मचारियों के हितों के लिए किए गए उनके संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि योगी जी सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करते थे। उन्होंने सुझाव दिया कि योगेंद्र सिंह योगी मार्ग केवल नामपट्ट तक सीमित न रहे बल्कि जनमानस की पहचान भी बने। उत्तर-पूर्व विधायक अभिलाष पांडे ने कहा कि योगेंद्र सिंह योगी हम सभी के लिए प्रेरणा के केंद्र थे और जैसा उनका नाम था वैसा ही उनका जीवन और कर्म था। कार्यक्रम में पूर्व महापौर प्रभात साहू ने भी योगेंद्र सिंह योगी का स्मरण करते हुए नगर निगम और महापौर का आभार व्यक्त किया।

