प्रदर्शन के दौरान हिंसा का वीडियो वायरल, पुलिस ने दर्ज की कई एफआईआर, सीसीटीवी और सैकड़ों वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान जारी
साईडलुक, डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सबसे संवेदनशील और वीआईपी इलाकों में गिने जाने वाले कनॉट प्लेस (Connaught Place) में प्रदर्शन के दौरान एक सुरक्षाकर्मी के साथ कथित मारपीट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी को भीड़ द्वारा घेरते, धक्का-मुक्की करते और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
यह घटना संसद मार्च के दौरान कनॉट प्लेस के रीगल सिनेमा और आउटर सर्किल क्षेत्र में हुई हिंसा के बीच सामने आई। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ समूहों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए। पथराव, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ और सुरक्षाबलों पर हमले की घटनाएं दर्ज की गईं। इसी दौरान एक सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट का वीडियो भी सामने आया, जिसने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में कई एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज और मोबाइल फोन से बनाए गए 250 से अधिक वीडियो खंगाले जा रहे हैं। पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जिन्होंने हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने में कथित रूप से भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। घायल पुलिसकर्मियों में वरिष्ठ अधिकारी और अन्य सुरक्षाकर्मी भी शामिल बताए गए हैं।
घटना के बाद कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है तथा प्रमुख सरकारी भवनों और चौराहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
इस बीच, घटना के वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। विभिन्न दलों ने अपने-अपने दृष्टिकोण से पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

