साईडलुक, जबलपुर। चालीसा व्रत महोत्सव पर विशेष पूजन अर्चन,सिर पर भगवान झूलेलाल की बहराणा दीप, अक्षत, सिन्दूर, से सजी थालियाॅं रखकर आज सैकड़ों सिन्धी धर्मावलंबियों ने अक्खा पूजा में हिस्सा लिया। पारम्परिक पंजड़ा भक्ति गीतों पर झूमते नाचते महिला, पुरूष, बालक-बालिकायें अपने ईष्ट से चालीसवें को मना रहे हैं। अवसर था शुक्रवार को अक्खा पूजा, थाली पूजा, बहराणा साहब की पूजा, जल ज्योति की पूजा के विशेष पर्व आयोजन का।
श्रीझूलेलाल मंदिर भरतीपुर में सुबह से भक्तिमयी छटा बिखरने लगी। मंदिर परिसर में पारम्परिक पूजन के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। पूजन को भव्यता प्रदान करने के लिये पंजड़ा भक्तिगीतों की धुन पर सैकड़ों श्रद्धालु झूमते-नाचते भगवान झूलेलाल की परिक्रमा करते चल रहे थे।
इस बीच पुरूषों का चाचर नृत्य और दीपदान का आयोजन भी हुआ, सुबह इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन स्वामी प्रदीप महाराज, पंडित वेदांत शर्मा के सानिध्य में हुआ।
इस अवसर पर स्वामी अशोकानंद महाराज ने कहा कि चालीसा महावृत करने से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। सिन्धी समाज के साधकों के लिए यह अत्यंत ही मनोरम पर्व है जिसमें महिलाऐं एवं पुरूष 40 दिनों तक साधना एवं उपासना के साथ चालीसा व्रत धारण करते हैं।
इसके बाद मंदिर में ज्योति प्रज्जवलित की गई साथ ही भगवान का सामूहिक पूजन एवं आरती शुरू हुई। भक्तिमयी पंजड़ा गीतों पर सिंधी समाज के वरिष्ठ महिला-पुरूष भाव-विहाल हो उठे। युवाओं के साथ भगवान का जयकारा करते वृद्धजन भी नृत्य करते और तालियाॅं बजाकर अपने आनंद को बिखरे रहे थे।
आयोजन समिति के रमेश आहूजा, राजकुमार कांधारी, माधवदास कुंदवानी, श्रीचंद मध्यांनी, कैलाश वासवानी, धर्मेंद्र मंगलानी, त्रिलोक वासवानी, गोविन्द हीरानी, प्रकाश आहूजा, प्रकाश आसवानी, राजा सावलानी, विजय पंजवानी, बिल्लू हीरानी, गोपीचन्द्र खत्री सभी अनुष्ठान मे शामिल रहे।

