जबलपुर (नवनीत दुबे ) दुर्भाग्य कहे या विडंबना के हिंदुस्तान ही एक ऐसा देश है जहाँ अभिव्यक्ति की आजादी के चलते विधर्मी नरपिशाच सनातनी आराध्य देवी देवताओं के प्रति अपमान जनक कुंठित मानसिकता की सोच का प्रदर्शन करने का साहस कर लेते है,शायद इनके हौंसले इसलिए बुलंद है क्योकि इन्हें भलीभांति पता है के हिंदुत्व की हुंकार भरने वाले थोड़ा शोरगुल करेंगे और शांत हो जायँगे ?ओर जादा विरोध हुआ भी तो इनके सियासी आकाओं से बोल कर इन्हें चुप करा दिया जायेगा ,ऐसे में ये कहना अतिश्योक्ति नही होगा के सनातनियो की एकजुटता के अभाव व आपसी वर्चस्व की परिपाटी स्वरूप कुछ विधर्मी नरपिशाच बेखोफ होकर सनातन का खुलेआम मजाक बना रहे है,मुद्दे की बात पर आते है जॉय स्कूल के संचालक अखिलेश मेबिन द्वारा प्रभु श्री राम पर की गई अभद्र टिप्पड़ी से संस्कारधानी का धार्मिक माहौल गर्मा गया है ,मेबिन की एफ आई आर होने के बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है ,संभव है के किसी सियासी आका के चाटुकार की मदद से वह सुरक्षित हो ?खैर मुख्य बिंदु ये है कि जिन सनातनी अभिभावकों की औलादे से खासी फीस वसूल कर दिन दूनी रात चौगनी तररकी कर जॉय स्कूल का जो आलीशान ताना बाना बुना है और अय्याशी व ऐश की जिंदगी चल रही है उन्ही सनातनियो के आराध्य देव पर निकृष्ट टिप्पड़ी करके अखिलेश मेबिन ने अपनी दूषित मानसिकता का पुनः परिचय दिया , विडंबना ही कहेंगे के आधुनिकता के मोतियाबिंद से ग्रसित अभिभावकों को मेबिन के इस जहरीली सोच से कोई फर्क तक नही पड़ा और इस मिशनरी सोच के पर्याय जॉय स्कूल में विशेष तवज्जो दी जाती रही है ,खेर मुर्दों की बस्ती में चांडाल ही बादशाह होता है,शर्मनाक ही कहेंगे कि अखिलेश मेबिन द्वारा इससे पूर्व भी इस तरह के कृत्यों को अंजाम दिया जाता रहा है और स्कूल में पढ़ने वाले बछो ओर अभिभावकों को धार्मिक आधार पर अपमानित किया जाता रहा है पर वाह रे शिक्षित गूंगो धर्म के अपमान का घूंट कितनी आसानी से पीकर अपनी बेशर्मी को छुपा लिया जाता है,अंततः मिशनरी सोच के हिमायती अखिलेश मेबिन के स्कूल हेतु आवंटित भूमि में भी गड़बड़झाला की खबर आमजन में चर्चा का विषय है साथ ही तुगलकी फरमान के पोषक अखिलेश मेबिन की कारगुजारियां भी आय दिन चर्चा में रहती है ?साथ ही सनातनियो के पेसो पर आलीशान स्कूल और व्यक्तित ऐश युक्त जीवन जी रहे मेबिन को आराध्य देवी देवो से इतनी घृणा ये दर्शाती है के यहाँ दी जाने वाली शिक्षा में अध्ययनरत बच्चे कय्या संस्कार ले रहे होंगे,जिस तरह मेबिन ने प्रभु श्री राम पर टिप्पड़ी करके सनातनियो की आस्था को चोट पहुचाई है इसके चलते सनातनी हिंदुओ को सिंह गर्जना की भांति मेबिन पर कठोर से कठोर कार्यवाही हेतु आवाज बुलंद करनी चाहिए साथ ही जॉय स्कूल के बहिष्कार के लिए भी आगे आना होगा,संभवतः तभी ऐसे विधर्मी नारपीसचो की रीढ़ की हड्डी टूटेगी ?

