जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर का मामला…
डिंडौरी,राठौर रामसहाय मर्दन| जिले जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत ग्राम पंचायत कंचनपुर में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत सरपंच जानकी बाई वनवासी,सचिव दान सिंह को न तो जांच की चिंता न ही कार्रवाई डर है, क्योंकि जिस सेक्टर उपयंत्री को निर्माण कार्य को गुणवत्ता पूर्ण करने की जिम्मेदारी दी गई है, वे ही भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे कर तय मापदंडों को ठेंगा दिखा रहे है।
ये रहा पूरा मामला…
दरअसल ग्राम पंचायत कंचनपुर में केंद्रीय सहायता राशि 15 वां वित्त आयोग की 6 लाख 13 हजार रू. की लागत से मुख्यमार्ग से तुलसी बनवासी के घर तक सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है।
जहां सरपंच जानकी बाई बनवासी, सचिव दानसिंह और सेक्टर उपयंत्री राजेश उमरिया की सांठगांठ से सीसी सड़क मोटाई, गुणवत्ता में भारी गड़बड़ी की जा रही है। बता दें कि नवनिर्मित सीसी सड़क की मोटाई 8 इंच होने चाहिए लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा 3 से 4 इंच में पूरी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि 4 इंच 40mm गिट्टी की बेस और 4 इंच 20mm गिट्टी कंक्रीट से 8 इंच मोटी सड़क का निर्माण होना चाहिए था और मजे की बात यह कि जनपद पंचायत समनापुर के द्वारा जिस इंजीनियर को सीसी सड़क को गुणवत्ता पूर्ण निर्माण करने की जिम्मेदारी दी गई है वे सुध नहीं ले रहे है या कहे जानबूझ कर नजर अंदाज कर रहे है। जिसका पूरा लाभ ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव के द्वारा लिया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से सीसी सड़क की गुणवत्ता में हुई गड़बड़ी की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सरपंच—सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की दरकार…
ग्राम पंचायत कंचनपुर में अनियमितताओं के बावजूद उच्च अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण सरपंच और सचिव के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। विकास कार्यों में गड़बड़ी, सरकारी फंड के दुरुपयोग से लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें दर्ज करवाई जाती है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद जिम्मेदारों के द्वारा लापरवाही रखने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाती है या फिर कार्रवाई खानापूर्ति तक ही सीमित रहेगा…?



