मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो के मामले में हुई कार्यवाही
जबलपुर ब्यूरो । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पुराने वीडियो में थाना जीआरपी कटनी के पुलिसकर्मियों द्वारा बुजुर्ग महिला एवं बच्चे से की गई मारपीट के मामले को संज्ञान में लेते हुए डीआईजी रेल को जांच के लिए निर्देश दिए थे।
प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन थाना प्रभारी अरुणा वाहने सहित प्रधान आरक्षक अजय श्रीवास्तव और चार आरक्षक वर्षा दुबे, ओमकार सिरसाम, सोहेब अब्बासी एवं सलमान खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में इस तरह के कदाचार की पुनरावृत्ति नहीं हो।
यह है पूरा मामला
सोशल मिडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था जिसमे एक महिला और एक लड़के को महिला पुलिस कर्मी द्वारा कमरा बंद कर लाठी डंडे से बेरहमी से पिटा जा रहा है इतना ही नहीं महिला को बाल खींच घसीटा पटका जा रहा है। वायरल वीडियो के सामने आते ही हड़कंप मच गया।
पीड़ित महिला से मुलाकात
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी जिले में पहुंच पीड़ित महिला से मुलाकात करने पहुंचे और उनसे बात की ओर पीड़ित परिजनों द्वारा जब जीआरपी थाना प्रभारी अरूणा वाहने के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात रखी, तो वह तुरंत ही पीड़ित महिला और उनके 17 साल के नाती को लेकर रंगनाथ थाना पहुंचे।
4 घंटे बाद ऑनलाइन मामला दर्ज
जीआरपी थाना प्रभारी के खिलाफ मामला दर्ज कराने पर अड़ गए की जबतक मामला दर्ज नहीं होता वहा आमरण अनशन पर बैठ रहेंगे और आखिरकार 4 घंटे के बाद इस पूरे मामले में रंगनाथ नगर थाने में अरुणा वहाने के खिलाफ रोजनामाचे में ऑनलाइन मामला दर्ज किया गया जिसके बाद जीतू पटवारी थाने से बाहर आए।

