साईडलुक, जबलपुर। शहर की प्राइम लोकेशनों पर नगर निगम द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए बनाये गये पब्लिक टॉयलेट (शुलभ शौचालय) के बंद रहने का मामला सामने आया है। नागरिको की सुविधा को ध्यान में नहीं रखकर नगर निगम पब्लिक टॉयलेट पर विज्ञापन के बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर अपनी कमाई कर आय बढ़ा रहा है।
कई टॉयलेटो में अधिकांश समय ताला लगा रहता है, इस कारण लोगों को मजबूरन खुले में टॉयलेट करना पड़ रहा है, जिससे गंदगी भी फैल रही है।
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय प्रभारी फरजाना मिर्जा ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचार के आधार पर जनहित में मामले में संज्ञान लिया है।
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग की मुख्य पीठ भोपाल में प्रकरण पर सुनवाई करते हुए, अध्यक्ष मनोहर ममतानी व सदस्य राजीव कुमार टण्डन की युगलपीठ ने मानव अधिकारों के हनन का मामला माना है।
इस मामले में जबलपुर के कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त से मामले की जांच कराकर बंद पड़े पब्लिक टॉयलेट्स को शीघ्र अतिशीघ्र खुलवा कर उन्हें उपयोग योग्य बनाते हुये प्रारम्भ कराये जाने के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।

