डिंडौरी(रामसहाय मर्दन)| राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली आदिवासी पीठ रानी दुर्गावती विश्व विद्यालय जबलपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दिन शुक्रवार को शासकीय आदर्श महाविद्यालय डिंडौरी में अमृत महोत्सव के तहत भारत की आजादी में अनुसूचित जनजाति के ऐसे स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिलाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए महाविद्यालय में स्वतंत्रता सेनानियों की प्रदर्शनी एवं जनजातियों की पारंपरिक वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। इस कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा व नृत्य के साथ किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पद्म श्री अर्जुन सिंह धुर्वे विशिष्ट अतिथि के रूप में पुलिस अधीक्षक डिंडौरी संजय सिंह संयोजक राष्ट्रीय जनजाति अमृत महोत्सव महाकौशल प्रांत वनवासी विकास परिषद के वक्ता सोहन सिंह अध्यक्ष राष्ट्रीय जनजाति शोध पीठ रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के डॉ.विशाल बिनने एवं वनवासी विकास परिषद के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुल्तान सिंह धुर्वे सहायक प्राध्यापक डॉक्टर हीरा सिंह इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर सरिता नागवंशी कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुरेंद्र सिंह लिल्हारे डॉ. अनुपम सिंह बघेल व समस्त प्राध्यापकों की उपस्थिति में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया मुख्य वक्ता के रूप में सोहन सिंह ने गुमनाम जनजातीय नायकों के योगदान को रेखांकित करते हुए इनके साहित्यिक लेख एवं शोध पर प्रकाश डालने के लिए छात्रों को प्रेरित किया।


