डिंडौरी,रामसहाय मर्दन| जनपद पंचायत क्षेत्र डिंडौरी के ग्राम पंचायत रयपुरा माल में वर्ष 23—24 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार स्कीम के तहत 3 रो पुलिया का निर्माण ग्राम पंचायत के द्वारा साजा नाला में 11.62 लाख रूपए की लागत से कराया गया है। जिसकी पोल पहली बारिश ने ही खोल दी है। बता दें कि 11.62 लाखों रुपए की लागत से निर्मित पुलिया की साइडवॉल से पहली बारिश में पानी का रिसाव होने लगा है, जिससे आप यह अंदाजा लगा सकते है कि आने वाले दिनों में इसका क्या होगा? पुलिया का निर्माण अभी महज 06 माह ही हुआ है साइडवॉल से पानी लीकेज हो रहा है।
गौरतलब यह है कि पुलिया निर्माण में अनियमियता को लेकर विरोध भी किया गया था कि ग्राम के जिम्मेदारों के द्वारा गुणवत्ताहीन रेत, मिट्टी युक्त गिट्टी से पुलिया निर्माण कराया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा इन पर ध्यान न देते हुए पुलिया निर्माण पूरा कर दिया गया जिसकी वजह से लाखों की लागत से निर्मित पुलिया पहली ही बारिश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ नजर आ रही है।
दरअसल घटिया पुलिया निर्माण को लेकर साईड लुक न्यूज के द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया गया था। कि ग्राम पंचायत रयपुरा माल के सरपंच ,सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से ठेकेदार के द्वारा घटिया सामग्री से गुणवत्ताविहीन पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। जिसपर डिंडौरी जनपद सीईओ निखलेश कटारे के द्वारा जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराकर निर्माण में हुई अनियमिता को सुधार कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही थी। बरहाल पुलिया की स्थिति देखकर लगता है कि महज खानापूर्ति के लिए ही जांच कर कार्रवाई आश्वासन दिया जाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि जनपद सीईओ के उदासीनता के चलते लाखों रुपए की लागत से निर्मित पुलिया के साइडवॉल से पानी लीकेज हो रहा है।

गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर पूर्व सरपंच ने किया था विरोध…
बता दें कि पुलिया निर्माण में हो रहे अनियमित्तायें को लेकर निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने विरोध कर रोक लगवाया था ,लेकिन वर्तमान सरपंच रनमत सिंह, सचिव इंद्रसिंह सरोटे के द्वारा उपयंत्री कमलेश धुमकेती से आपसी सांठगांठ कर कार्य को पुन: शुरू कर गुणवत्ता को दरकिनार करते हुए पुलिया निर्माण को जैसे—तैसे पूरा कर दिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपयंत्री के द्वारा अपने चहेते ठेकेदार के माध्यम से पुलिया का निर्माण करा गया है। जहां ठेकेदार के द्वारा पुलिया निर्माण में मिट्टीयुक्त रेत, मिट्टीयुक्त गिट्टी का मिश्रण कर उपयोग किया गया साथ ही पुलिया के कई हिस्सों में ठेकेदार के द्वारा पत्थर बोल्डर डाला गया है, जिसकी वजह से पुलिया के साइडवॉल से पानी लीकेज हो रहा है।
मुद्दे की बात यह है कि डिंडौरी जनपद पंचायत में कार्यरत उपयंत्री कमलेश धूमकेती भ्रष्टाचार करने के मामले में काफी चर्चित हैं,इनके द्वारा तमाम प्रकार के निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है,किंतु जिला प्रशासन के द्वारा उपयंत्री कमलेश धूमकेती के द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच नही की जाती और न ही कार्रवाई की जा रही है। उपयंत्री के विरूध्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण हौसलें बुलंद है।



