एमपी /डिंडौरी| केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम के तहत अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल तक काम किया है तो उसे रिटायरमेंट के पहले नौकरी के आखिरी 12 महीनों के औसत वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस स्कीम का लाभ 23 लाख कर्मचारियों को मिलेगा
हाल के चुनावों में विपक्ष की तरफ से नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) की जगह पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को लागू करने को मुद्दा बनाने के दांव का केंद्र सरकार ने काट खोज निकाला है। केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों के लिए सरकार ने यूनीफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने का फैसला किया है जो मौजूदा एनपीएस के साथ ही लागू रहेगा।
शिक्षक संगठन ने फैसले का किया स्वागत…
बता दें कि मोदी सरकार के फैसले का शासकीय शिक्षक संगठन ने किया स्वागत। शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडौरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने बताया कि केंद्र सरकार से लगातार पेंशन की मांग कर रहे कर्मचारियों को मोदी सरकार ने यूपीएस पेंशन योजना लागू कर राहत दी है जो स्वागत योग्य है। वहीं मध्य प्रदेश सरकार भी इसे लागू करेगी। शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडोरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने बताया कि 1998/1999 से लेकर 2005/तक के शिक्षाकर्मी संविदा शिक्षक और गुरूजी को मध्य प्रदेश सरकार ने 01/07/2018 से कर्मचारी माना है जिसमें इनकी वरिष्ठता बाईस साल की शून्य हो गई है। और मोदी सरकार द्वारा लागू पेंशन 25 साल की सेवा पूरी करने वाले को आखरी वेतन का आधा हिस्सा पेंशन के रूप में मिलेगा। अभी संघर्ष बाकी है। पूरी पेंशन पाने के लिए शिक्षाकर्मी संविदा कर्मचारियों और गुरू को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के लिए संघर्षरत रहना होगा। और शासकीय शिक्षक संगठन इसके लिए हर मंच से आवाज उठाएगा और इसे लेकर रहेंगे।
शासकीय शिक्षक संगठन जिला डिंडौरी के अध्यक्ष राम कुमार गर्ग ने मध्यप्रदेश सरकार के मुखिया मोहन यादव से अपील की है कि 1995 से नियुक्ति पाने वाले शिक्षाकर्मी संविदा शिक्षक और गुरूजी को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता के साथ यूपीएस पेंशन योजना मध्यप्रदेश में लागू करने की कृपा करें जिससे सभी को 50%पेंशन एवं ग्रेच्युटी का लाभ मिल सके।

