डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| इन दिनों जिला पंचायत सीईओ अनिल कुमार राठौर एक्शन मोड में है, जिला पंचायत सीइओ के द्वारा लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत रयपुरा, जाड़ासुरंग और दुहानियां सचिव को सस्पेंड कर दिया गया है।
बता दें कि विगत दिन गुरुवार को जिला पंचायत सीईओ अनिल राठौर ने डिंडौरी जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में पदस्थ दो सचिवों और समनापुर जनपद पंचायत सीईओ सीपी साकेत के रिपोर्ट के आधार पर ग्राम पंचायत जाड़ासुरंग सचिव मनोज यादव को शासकीय योजनाओं के संचालन में लापरवाही और पैसे की गड़बड़ी को लेकर निलंबन की कार्रवाई की है। वहीं निलंबन अवधि में ग्राम पंचायत रयपुरा और दुहानियां सचिव को जनपद पंचायत डिंडौरी में अटैच किया गया है। तो वहीं ग्राम पंचायत जाड़ासुरंग सचिव मनोज यादव को जनपद पंचायत समनापुर में अटैच किया गया है।
जारी आदेश के मुताबिक…..
अधिकारियों के निर्देश के बाद भी ग्राम सभा की बैठक न लेना पड़ा भारी..
रयपुरा सचिव पर शासकीय योजनाओं की जानकारी न भेजने का आरोप है वहीं निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि सचिव इंद्र सिंह सरोते के द्वारा अधिकारियों के निर्देश के बाद भी ग्राम सभा की बैठक न लेना व प्रधानमंत्री जन मन योजना से संचालित निर्माण कार्यों की जानकारी न भेजना और 03 अक्टूबर को प्रभारी मंत्री प्रतिमा बागरी के भ्रमण के दौरान जानकारी होने के बाद भी अनुपस्थित था,जिसको लेकर कारण बताओ नोटिस किया गया था,जिसमें सचिव के द्वारा समाधान कारक जवाब पेश नहीं किया गया।
दुहानियां सचिव से पांच लाख 68 हजार की रिकवरी के आदेश….
दुहनिया ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव उदय सिंह मालवे पर 15वे ,14 वे वित्त की राशि से कराए गए निर्माण कार्यों में 5 लाख 68 हजार 832 रुपए अधिक राशि खर्च किए जाने का आरोप है।इसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई थी, जनपद पंचायत द्वारा गठित जांच दल के प्रतिवेदन के आधार पर सचिव को निलंबित कर दिया गया है
जनपद कार्यालय में किया गया अटैच….
निलंबन आदेश में उल्लेख है कि ग्राम पंचायत जाड़ा सुरंग सचिव मनोज यादव गांव में नहीं रहते हैं। ग्रामीणों ने शिकायत की थी ग्राम सभाओं का आयोजन नहीं किया जा रहा है। जनकल्याण कारी योजनाओं के तहत हितग्राही एवं सामुदायिक मूलक योजनाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया जा रहा है। 15वें वित्त आयोग मद की राशि अभी भी लंबित है। मनरेगा योजनाओं के तहत निर्माण कार्यों को समय पर पूरा नहीं किया गया है। इसलिए सचिव मनोज यादव को सस्पेंड कर समनापुर जनपद कार्यालय में अटैच किया गया है।



