सचिव ने कहा – पंचायत के खाता में मात्र 1लाख 25 हजार रू.जमा…
सरपंच ने सचिव के बिना हस्ताक्षर किए 2 लाख 65 हजार रू.का ठेकेदार को थमाया रसीद…
जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी का मामला…
डिंडौरी,रामसहाय मर्दन| सरकार द्वारा बनाई गई पंचायत राज व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने और सुदृढ़ बनाने में ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधि सरपंच की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि सरपंच अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से संपादित करें तो ग्रामीण अंचलों के विकास और गांवों की तस्वीर बदलने में देर नहीं लगेगी, लेकिन डिंडौरी जिले में इसके विपरीत हो रहा है। बता दे कि ग्राम पंचायत सरपंच अपने मनमानी पर उतारू है।
ये रहा पूरा मामला….
दरअसल ताजा मामला समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत बम्हनी का सामने आया है,जहां ग्राम सरपंच के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 की बाजार नीलामी के नाम पर ठेकेदार से 2 लाख 65 हजार रू. की एक मुश्त राशि 18 जून 2024 को ले लिया गया है,लेकिन पंचायत के खाता में पूरी राशि जमा नहीं की गई है।
02 लाख 65 हजार रू में हुई बाजार की नीलामी…..
मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बम्हनी में सप्ताहिक हाट बाजार लगता है, जिसकी बाजार शुल्क वसूली के लिए ग्राम पंचायत के बाजार नीलामी 18 जून 2024 को 2 लाख 65 हजार रू में चरनलाल मलठिया पिता करिया मलठिया को ठेका दे दिया गया है। नियम के अनुसार ग्राम पंचायत के द्वारा कोई भी कार्योेे को ठेका में देने से पहले निविदा प्रकाशित करवाने का प्रावधान है, लेकिन ग्राम पंचायत बम्हनी के सरपंच, सचिव के द्वारा मनमानी पूर्वक बिना निविदा प्रकाशित कराए ही पूर्व में रहे अपने चहेते ठेकेदार को नियमों को दरकिनार करते हुए बाजार नीलामी का ठेका दे दिया गया है।
पंचायत के खाता में मात्र 01लाख 25 हजार रू जमा……
गौरतलब यह है कि बाजार की नीलामी 2 लाख 65 हजार रू में हुई है। लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी पंचायत के खाता में बाजार नीलामी की पूरी राशि जमा नहीं की गई है। वहीं ठेकेदार चरन लाल मलाठिया ने बताया कि बाजार नीलामी की पूरी राशि सरपंच रतिराम को नगद दे दी गई है,इतना ही नही बल्कि सरपंच ने अपने हस्ताक्षर और सील लगी रसीद ठेकेदार को दिया है। जिसमें सचिव का हस्ताक्षर नहीं है।
पंचायत के खाता में नहीं की पूरी राशि जमा…
बता दे कि मामले को लेकर सचिव गेंद सिंह परस्ते से जानकारी लिया गया तो उन्होंने बताया कि पंचायत के खाता में सरपंच रतिराम के द्वारा बाजार नीलामी की मात्र 1लाख 25 हजार रू ही जमा किया गया है। ठेकेदार के द्वारा सरपंच को बाजार नीलामी की पूरी राशि एक मुश्त दे दिया गया है,उसकी जानकारी नहीं है।
सरपंच ने जमा नहीं की राशि….
वहीं जब मामले को लेकर ग्राम पंचायत सरपंच रतिराम से अधिक जानकारी चाही गई तो सरपंच ने बताया कि बाजार नीलामी की पूरी राशि ठेकेदार से ले लिया हूं । मैं यह राशि को मार्च 2025 तक किश्तों में जमा करूंगा। जबकि सरपंच को बाजार नीलामी की पूरी राशि ग्राम पंचायत के खाता में एक साथ जमा करना चाहिए था लेकिन सरपंच के द्वारा मनमानी पूर्वक सरकारी राशि बंदरबाट करने में आमादा है। सरपंच के इस तरह के कार्यप्रणाली से आप अंदाजा लगा सकते है कि ग्राम पंचायत के किस तरह विकास हो रहा होगा। सवाल यह उठता है कि क्या अब जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा मामले की जांच कराई जाएगी..? क्या दोषियों के विरूध्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी..? या फिर मामले में खानापूर्ति कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।



