डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन| जिला पंचायत डिंडौरी प्रशासन ने शासकीय राशि के दुरुपयोग के दो गंभीर मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया है। ये दोनों मामले शासन की योजनाओं और जनता के विश्वास के साथ घोर छल की श्रेणी में आते हैं।
बीड़ी-माचिस पर खर्च की पंचायत निधि, सचिव निलंबित
जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अण्डई के सचिव प्रेम सिंह मरकाम को ₹3780 की राशि बीड़ी और माचिस जैसी नशीली सामग्री पर खर्च करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह मामला मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट “12 लड़ड़ मंगवाए, एक 120 रुपए का, किसने खाया और कहाँ – किसी को पता नहीं” के बाद सामने आया, जिसके आधार पर की गई जांच में सचिव की भूमिका प्रमाणित हुई।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासकीय निधि का दुरुपयोग किया, जो पंचायत सेवा नियम 2011 के नियम 7 (अनुशासन और नियंत्रण) का उल्लंघन है। इस कृत्य को कदाचार और अनुशासनहीनता माना गया है। निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय जनपद पंचायत समनापुर रहेगा।
फर्जी बिल कांड: BJP अध्यक्ष के नाम पर उड़ाए सरकारी पैसे, महिला सचिव सस्पेंड
वहीं, ग्राम पंचायत मझियाखार की सचिव श्रीमती सीता सिंह गौतम को भी निलंबित किया गया है। आरोप है कि उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष के आगमन का हवाला देकर ₹2500 का फर्जी बिल बनाकर ‘साहू ट्रांसपोर्ट’ के नाम से भुगतान कर दिया।
इस मामले की जांच पंचायत समन्वय अधिकारी अभिनंदन पूषाम द्वारा की गई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि यह खर्च वास्तविक नहीं था। यह भी पंचायत सेवा नियम 2011 के नियम 7 के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। जिला पंचायत बजाग के सीईओ की अनुशंसा पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान वे जनपद पंचायत बजाग में मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगी और नियमानुसार भत्ता प्राप्त करेंगी।



