जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर का मामला…
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| जिले की जनपद पंचायत शहपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत कंचनपुर में मनरेगा और 15वीं वित्त आयोग की राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पंचायत के सरपंच, सचिव और उपयंत्री पर फर्जी बिलिंग और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अनुविभागीय अधिकारी शहपुरा को ज्ञापन सौंपा है। शिकायत की प्रतियां कमीश्नर जबलपुर, कलेक्टर डिंडौरी, जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ शहपुरा को भी भेजी गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में भी सरपंच और सचिव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सिद्ध हो चुके हैं। जांच के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी डिंडौरी ने 1 अगस्त 2025 को आदेश जारी कर दोनों से ₹5.57 लाख की वसूली का निर्देश दिया था। इसके बावजूद आरोपियों ने उपयंत्री की मिलीभगत से गड़बड़ी जारी रखी।
ग्रामीणों का आरोप है कि ज्याप नाला विस्तार के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए निकाले गए। स्टाम्प डेम अनुपयोगी जगह पर बनाया गया, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ। पहले से बने ग्रेवल कार्य को नया दिखाकर भुगतान ले लिया गया। डुण्डीसाई बैगा मोहल्ला में पुलिया निर्माण में घटिया काम कर करीब 9 लाख रुपए आहरित किए गए। हटाए गए कर्मचारी राजेंद्र आर्मों को तालाब निर्माण में भुगतान किया गया। शमशान घाट क्षेत्र की निजी भूमि पर 25 लाख की लागत से तालाब बनाया गया, जो पानी में डूबकर अनुपयोगी हो गया। डुण्डीसरी गांव में वन विभाग की भूमि पर बिना अनुमति 25 लाख का तालाब बनाया गया, जो अधूरा और मानकविहीन है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि 15वीं वित्त आयोग की राशि का दुरुपयोग कर बैनर, ग्लास और स्टेशनरी जैसे खर्चों के नाम पर हजारों रुपए सीधे सरपंच-सचिव के खातों में ट्रांसफर किए गए। ग्रामीणों ने बताया कि 15 अगस्त से अब तक ग्रामसभा आयोजित नहीं हुई है, जिससे पारदर्शिता खत्म हो गई है और प्रतिनिधि मनमानी कर रहे हैं। सभी संदिग्ध कार्यों के बिल भुगतान पर रोक लगाई जाए, हल्का पटवारी की मौजूदगी में स्थल निरीक्षण कर जांच कराई जाए और दोषी सरपंच, सचिव तथा उपयंत्री पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि पंचायतों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।



