डिंडौरी कोर्ट का बड़ा निर्णय, मारपीट और धारदार हथियार से हत्या करने वाले आरोपी को सख्त सजा
साईडलुक, डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में हुए एक सनसनीखेज हत्या मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय डिंडौरी द्वारा सुनाया गया, जिसमें हत्या और मारपीट के गंभीर अपराध को साबित माना गया।
मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा के अनुसार, थाना शहपुरा क्षेत्र के प्रकरण क्रमांक 0431/2023 एवं सत्र प्रकरण क्रमांक 84/2023 में आरोपी अलबर बहेलिया (25 वर्ष) को दोषी ठहराया गया।
मामले की सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती शशिकांता वैश्य ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन कारावास एवं 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त दो वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान भी किया गया है।
शराब के नशे में विवाद बना हत्या की वजह
घटना 20 अगस्त 2023 की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की है। गांव में आरोपी अलबर बहेलिया, उसके साथी मोबाईल बहेलिया और मृतक तीनों शराब पीकर आए थे। आपसी बातचीत के दौरान मृतक ने मोबाईल बहेलिया को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि उस समय दोनों आरोपी वहां से चले गए, लेकिन यह झगड़ा आगे चलकर खौफनाक वारदात में बदल गया।
रात में लौटकर किया जानलेवा हमला
रात करीब 10 बजे, पहले हुए विवाद की रंजिश में आरोपी मोबाईल बहेलिया अपने साथी अलबर बहेलिया के साथ मृतक के घर पहुंचा। उस समय मृतक अपने घर की पोर्च में सो रहा था। अलबर बहेलिया टॉर्च की रोशनी दिखाता रहा, जबकि मोबाईल बहेलिया ने चाकू से मृतक के पेट, पसली और हाथ पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में मृतक गंभीर रूप से घायल हो गया।
इलाज के दौरान मौत, गवाहों ने देखा पूरा घटनाक्रम
घटना के दौरान मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव किया, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। घायल को तत्काल इलाज के लिए जबलपुर ले जाया गया, जहां अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस मामले में अहम साक्ष्य बने, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया।
पुलिस विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर मिला न्याय
थाना शहपुरा पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता से जांच की गई और पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सख्त सजा सुनाई।
न्यायालय का संदेश, अपराध पर सख्त कार्रवाई तय
यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि हत्या जैसे जघन्य अपराधों में न्यायालय किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतता। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक माना गया है।

