साईडलुक, डेस्क। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक सड़क हादसे ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच खींचतान को जन्म दे दिया है। पिछोर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा पुलिस अधिकारियों को दी गई जानलेवा धमकी के बाद राज्य के आईपीएस एसोसिएशन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। विधायक का यह बयान उस समय सामने आया जब उनके बेटे दिनेश लोधी पर आरोप है कि उसने अपनी थार गाड़ी से पांच लोगों को कुचल दिया ।
’10 हजार ले जाकर घर में भर दूंगा गोबर’
विवाद की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई, जब विधायक के बेटे दिनेश लोधी ने करैरा क्षेत्र में तेज रफ्तार थार (SUV) को टक्कर मार दी, जिसमें तीन बाइक सवार और दो स्कूली छात्राएं घायल हो गईं । मामला दर्ज होने के बाद करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने दिनेश को तलब किया और चालानी कार्रवाई की।
इसी बात से नाराज होकर विधायक प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में वह एसडीओपी जाखड़ और शिवपुरी एसपी को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरा हाथ पहले ढाई किलो का था, लेकिन अब ढाई सौ किलो का हो गया है। अगर 15 दिन में सफाई नहीं दी गई कि दिल्ली से कौन चला रहा है (पुलिस को)… तो मैं 10 हजार लोगों को ले जाकर एसडीओपी के बंगले को गोबर से भर दूंगा” ।
विधायक ने एसडीओपी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए यह भी कहा, “करैरा तेरे डैडी का नहीं है। मेरा बेटा वहां चुनाव लड़ेगा, अगर तेरे डैडी में दम है तो रोक ले” ।
IPS एसोसिएशन ने उठाए सवाल, मांगी कार्रवाई…
विधायक के इस बेलगाम बयान के खिलाफ मध्य प्रदेश IPS एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडीजी चंचल शेखर ने एक प्रेस नोट जारी कर विधायक द्वारा प्रयोग की गई अभद्र और धमकी भरी भाषा की निंदा की है।
एसोसिएशन ने कहा कि यह व्यवहार सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है और इससे प्रशासनिक तंत्र के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पत्र में कहा गया, “जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे संयमित और मर्यादित भाषा का प्रयोग करें। विधायक का यह कृत्य लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। एसोसिएशन मांग करती है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए” ।
‘सिविल सर्विस डे’ पर दुर्भाग्यपूर्ण संयोग…
एसोसिएशन ने अपने बयान में एक अहम बात की ओर ध्यान दिलाया है कि यह निंदा पत्र 21 अप्रैल को जारी करना पड़ा, जो कि ‘सिविल सर्विस डे’ के रूप में मनाया जाता है। एसोसिएशन ने कहा, “जिस दिन लोक सेवकों के योगदान का सम्मान होना चाहिए, उस दिन एक नव नियुक्त अधिकारी और उसके परिवार के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है” ।
बेटे की बदमाशी और विधायक का आपराधिक इतिहास…
बता दें कि विवादित विधायक प्रीतम लोधी का अपराधिक इतिहास रहा है। बताया जा रहा है कि उन पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित करीब चार दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उनके बेटे दिनेश लोधी पर भी गंभीर आरोप हैं। घटना के बाद सामने आए एक अन्य वीडियो में दिनेश खुद को सही ठहराते हुए कह रहा है कि उसने हॉर्न और सायरन बजाया था, लेकिन पीड़ितों ने रास्ता नहीं दिया। पुलिस ने दिनेश के वाहन पर लगा अवैध हूटर और काली फिल्म भी जब्त की है।
कांग्रेस ने साधा निशाना, BJP ने ली दूरी…
इस मामले में प्रदेश कांग्रेस ने सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी के असली चरित्र का पर्दाफाश हुआ है। वहीं, बीजेपी प्रवक्ता हितेश बाजपेयी ने कहा, “हम कानून के शासन में विश्वास रखते हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी दोनों ही अपनी भाषा और आचरण में मर्यादा बनाए रखें” ।
फिलहाल, विधायक की धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जबकि IPS एसोसिएशन की कार्रवाई की मांग के बाद से प्रशासनिक हलकों में तनाव का माहौल है।

