नशे के खिलाफ जंग: 717 TASMAC शॉप्स को
दो हफ्ते में बंद करने के आदेश, शिक्षा के लिए नशे का त्याग
साईडलुक डेस्क। अभिनेता से नेता बने तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) ने सत्ता संभालते ही सरकार के सबसे बड़े कारोबारों में से एक शराब बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की है। ‘पब्लिक वेलफेयर’ (जन कल्याण) को प्राथमिकता देते हुए सीएम विजय ने राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों, मंदिरों और बस स्टैंडों के पास संचालित हो रही शराब की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। यह निर्देश सोमवार (11 मई, 2026) को जारी किया गया, जिससे तमिलनाडु की सियासत हिल गई है।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य में तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) द्वारा संचालित कुल 4,765 शराब की दुकानों का ऑडिट कराया गया। इस जांच में पाया गया कि संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों (स्कूल, मंदिर, बस स्टैंड) से 500 मीटर की दूरी के भीतर कुल 717 दुकानें अवैध रूप से (या नियमों का उल्लंघन करते हुए) चल रही थीं।
सीएम विजय ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया है कि इन सभी 717 दुकानों को अगले दो सप्ताह के भीतर पूरी तरह से बंद कर दिया जाए। सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला जनता के हित में, खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है।
आंकड़ों का विश्लेषण: कितनी दुकानें कहां बंद होंगी ?
पड़ताल में सामने आया है कि बंद होने वाली 717 दुकानों में से सबसे ज्यादा 276 दुकानें पूजा स्थलों (मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर) के पास हैं। वहीं, 186 दुकानें स्कूलों और कॉलेजों जैसे शैक्षणिक संस्थानों के ठीक बगल में चल रही थीं। बस स्टैंड के आसपास 255 दुकानों को चिन्हित किया गया है।
‘नशा मुक्त तमिलनाडु’ की ओर बढ़ा कदम
यह फैसला थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चुनावी घोषणापत्र के अनुरूप है, जिसमें ‘ड्रग-फ्री तमिलनाडु’ (नशा मुक्ति) का वादा किया गया था । हालांकि, तमिलनाडु सरकार के लिए यह फैसला आर्थिक दृष्टि से साहसिक माना जा रहा है, क्योंकि शराब बिक्री सरकार के लिए राजस्व का प्रमुख स्रोत है। सिर्फ पिछले साल (2025) में ही शराब बिक्री से सरकार को 48,344 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था । राजस्व के नुकसान के जोखिम को नजरअंदाज करते हुए सीएम का यह फैसला उनकी ‘जनता पहले’ वाली सोच को दिखाता है।
अभिनेता विशाल और कमल हासन को सलाम
सीएम के इस कदम को फिल्म और राजनीति जगत से भारी समर्थन मिला है। अभिनेता विशाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “Dear CM Joseph Vijay Avargal, Thank u for the announcement… वॉट ए मूव. मैं एक छात्रा को जानता हूं जो TASMAC दुकान के पास से गुजरते हुए रोजाना परेशान होती थी. उसकी तरफ से मैं आपको सलाम करता हूं” । वहीं, दिग्गज अभिनेता और नेता कमल हासन ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि शराब की बिक्री कभी सरकार का काम नहीं होनी चाहिए, और सरकार को इस दिशा में और आगे बढ़ना चाहिए ।
‘नो बैनर, नो पोस्टर’ का मिसाल
सीएम विजय ने सिर्फ शराब दुकानों पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर भी नकेल कसी है। उन्होंने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर जन्मदिन या पार्टी कार्यक्रमों के नाम पर बैनर, पोस्टर या होर्डिंग्स नहीं लगाएंगे, जिससे आम जनता को परेशानी होती है । राजनीति के इस ‘बदलते तेवर’ को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

