खिन्नी में तड़के छापेमार कार्रवाई, मौके से पकड़े गए जेसीबी चालक; कई बड़े नाम जांच के घेरे में
साईडलुक, जबलपुर। जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए रेत माफियाओं के नेटवर्क पर जोरदार प्रहार किया। सिहोरा अनुभाग के अंतर्गत पोंडा तहसील के ग्राम खिन्नी स्थित हिरन नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमार कार्रवाई कर दो जेसीबी मशीनें, एक दस चक्का हाइवा और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। कार्रवाई के दौरान दोनों जेसीबी मशीनों के ऑपरेटरों को भी मौके से पकड़ लिया गया, जिनसे पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है।
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर की गई इस संयुक्त कार्रवाई ने अवैध खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन को लगातार सूचना मिल रही थी कि हिरन नदी से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और मौके पर चल रहे अवैध खनन को रंगे हाथों पकड़ लिया।
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ज्योति परस्ते के अनुसार तहसीलदार ललित ग्वालवंशी और खनिज निरीक्षक शिवपाल चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम जब खिन्नी पहुंची तो वहां नदी के भीतर मशीनों के माध्यम से रेत निकाली जा रही थी। कार्रवाई के दौरान रेत से आधा भरा हुआ एक दस चक्का हाइवा तथा रेत से लदी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। जब्त सभी वाहनों को गोसलपुर थाना परिसर में सुरक्षित खड़ा करा दिया गया है।
मौके से पकड़े गए जेसीबी ऑपरेटरों की पहचान मोहम्मद रहमान उर्फ मोहम्मद रियाज मंसूरी तथा मोहित बर्मन के रूप में हुई है। दोनों से पुलिस द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सामने आए खुलासों ने जांच एजेंसियों का ध्यान कई अन्य लोगों की ओर भी आकर्षित कर दिया है।
तहसीलदार ललित ग्वालवंशी के मुताबिक पूछताछ के दौरान मोहम्मद रियाज मंसूरी ने बताया कि खिन्नी क्षेत्र में हिरन नदी से अवैध रेत उत्खनन का संचालन चन्नोटा निवासी बलराम उर्फ गोलू सिंह द्वारा कराया जाता है। वहीं पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि जब्त की गई एक जेसीबी मशीन अरुण प्रताप भदौरिया उर्फ सोनू भदौरिया निवासी चन्नोटा की है, जबकि दूसरी जेसीबी मशीन पनागर निवासी शुभम पटेल की बताई जा रही है। प्रशासन अब इन जानकारियों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है।
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए दस चक्का हाइवा के वास्तविक मालिक का पता लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध खनन के इस कारोबार में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ज्योति परस्ते ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन के इस मामले में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण को वैधानिक कार्रवाई के लिए खनिज विभाग के माध्यम से कलेक्टर न्यायालय भेजा जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हिरन नदी में हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मच गई है। प्रशासन की इस सख्ती को जिले में अवैध खनन के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

