डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन समेत सभी कर्मियों की डिग्री और रजिस्ट्रेशन की होगी जांच, लापरवाही पर संस्थान होगा जिम्मेदार
साईडलुक, जबलपुर। जिले के सभी निजी चिकित्सालयों, क्लीनिकों, डायग्नोस्टिक सेंटरों एवं अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में अब किसी भी चिकित्सा एवं पैरामेडिकल कर्मचारी की सेवाएं लेने से पहले उनका पुलिस सत्यापन, चरित्र सत्यापन, शैक्षणिक योग्यता एवं पंजीयन का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था के संचालक को चिकित्सक, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति के समय आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही उन्हें संबंधित चिकित्सक या कर्मचारी का मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल या राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, डेंटल काउंसिल, मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल, पैरामेडिकल काउंसिल, होम्योपैथी काउंसिल, फार्मेसी या आयुष काउंसिल जैसे वैधानिक परिषद से उनके पंजीयन का सत्यापन करना भी सुनिश्चित करना होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्देश का पालन करना प्रत्येक संस्थान संचालक की व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी है। यदि बिना आवश्यक सत्यापन और वैध पंजीयन के किसी व्यक्ति को नियुक्त किया जाता है, तो इसे गंभीर अनियमितता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित स्वास्थ्य संस्थान स्वयं उत्तरदायी होगा और उसके विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही की जा सकेगी।
इसके अलावा सभी संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में की जाने वाली प्रत्येक नियुक्ति के दस्तावेजों को सुरक्षित रखें, ताकि मांगे जाने पर सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने यह कदम मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया है।

