कम मुद्रांक शुल्क पर दस्तावेज बनाकर शासन को लगाया चूना, सिहोरा से लेकर गोहलपुर तक हुई कार्रवाई
साईडलुक, जबलपुर। अधिक राशि पर स्टाम्प बेचे जाने और गलत मद का चयन कर कम मुद्रांक शुल्क पर दस्तावेज तैयार कर शासकीय राजस्व को हानि पहुंचाने वाले जिले के 19 स्टाम्प वेंडरों एवं सेवा प्रदाताओं को कलेक्टर ऑफ स्टाम्प्स द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किये गये हैं। जवाब संतोषजनक न मिलने पर इन वेंडरों की अनुज्ञप्ति को निलंबित या रद्द करने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले में कार्यरत कई स्टाम्प वेंडरों एवं सेवा प्रदाताओं के विरुद्ध अधिक राशि में स्टाम्प बेचे जाने तथा गलत मद का चयन कर कम मुद्रांक शुल्क पर दस्तावेज तैयार करने की आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर वरिष्ठ जिला पंजीयक द्वारा निरीक्षण टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने सिहोरा, गोसलपुर और कृषि उपज मंडी, विजय नगर जबलपुर स्थित हाट बाजार में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्टाम्प वेंडर न केवल स्टाम्प निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेच रहे थे, बल्कि विभिन्न दस्तावेजों के लिए भी नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
जांच में पाया गया कि शपथ-पत्र, जिसके लिए विधि अनुसार 200 रुपये का स्टाम्प अनिवार्य है, उसे कुछ वेंडरों द्वारा मात्र 50 रुपये या 100 रुपये के स्टाम्प पर ही बनाया जा रहा था। इसी प्रकार अचल संपत्ति के अनुबंध-पत्र, किरायानामा, सहमति-पत्र और कब्जा सहित अनुबंध जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी गलत हेड का चयन कर केवल 1,000 रुपये या उससे कम के स्टाम्प पर तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण टीमों ने संबंधित वेंडरों के विक्रय रजिस्टरों की जांच की और उनकी प्रतियां प्राप्त कर साक्ष्य एकत्रित किए।
इस अनियमितता के विरुद्ध भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के तहत निर्मित मध्यप्रदेश स्टाम्प नियम 1942 के नियम 27 के अंतर्गत संबंधित स्टाम्प वेंडरों और सेवा प्रदाताओं को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। कलेक्टर ऑफ स्टाम्प्स ने स्पष्ट किया है कि जवाब नियत अवधि में प्राप्त होने पर परीक्षण उपरांत इन वेंडरों की अनुज्ञप्ति को निलंबित या रद्द करने की सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले के समस्त स्टाम्प वेंडरों, सेवा प्रदाताओं, दस्तावेज लेखकों एवं अन्य संबंधितों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे भविष्य में शासन द्वारा निर्धारित शुल्क पर स्टाम्प विक्रय करें, ताकि शासकीय राजस्व की हानि को पूरी तरह रोका जा सके।
कलेक्टर ऑफ स्टाम्पस द्वारा जिन वेंडरों और सेवा प्रदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है, उनमें जगदीश प्रसाद पाठक, ब्रिजेश कुमार उपाध्याय, सुनील खरे, संजय कुमार गुप्ता, गणेश प्रसाद एवं नीतू साहू सिहोरा, श्रीमती कविता तिवारी गोसलपुर, मनीष जैन, पूर्णेश जैन, ओ पी मिश्रा एवं उभी मिश्रा हाट बाजार विजय नगर जबलपुर, प्राची शर्मा रांझी, योगिता चावला सिविल लाईन, किरण प्यासी, शबा आफरीन आधारताल, सुशील पाण्डेय एवं विनय कुमार पाण्डेय पाटन, शिवांक तिवारी पोलीपाथर, एजाज अंसारी नई बस्ती गोहलपुर शामिल हैं।

