11वीं वाहिनी ने अशोका हॉल स्कूल में किया विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम, भूकंप बाढ़ आग और बिजली हादसों से निपटने के साथ सीपीआर और प्राथमिक उपचार का कराया अभ्यास
साईडलुक, जबलपुर। मानसून पूर्व तैयारियों के तहत 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने जबलपुर में स्कूली बच्चों को आपदा से लड़ने के लिए तैयार करने की अनोखी पहल की है। विजय नगर स्थित अशोका हॉल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय स्टाफ को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के प्रति जागरूक बनाना और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक कौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था।
प्रशिक्षण के दौरान एनडीआरएफ के प्रशिक्षित बचावकर्मियों ने भूकंप, अग्निकांड, बाढ़, विद्युत दुर्घटना सहित विभिन्न आपात स्थितियों में सुरक्षित निकासी की तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया। बच्चों को बताया गया कि आपदा के समय घबराने की बजाय किस तरह सूझबूझ से खुद को और दूसरों को सुरक्षित निकाला जा सकता है। इसके साथ ही सीपीआर, प्राथमिक उपचार, घायलों को स्ट्रेचर पर ले जाने और अस्थायी तौर पर मरहम पट्टी करने की बारीकियां भी सिखाई गईं। यह प्रशिक्षण पूरी तरह प्रैक्टिकल रहा जिसमें विद्यार्थियों ने खुद अभ्यास भी किया।
यह कार्यक्रम एनडीआरएफ मुख्यालय और 11वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निरीक्षक रेखा कुमारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा के समय पहला मददगार खुद विद्यार्थी बन सकता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण में सीखी गई जानकारी को केवल अपने तक सीमित न रखें बल्कि अपने परिवार, मोहल्ले और समाज तक पहुंचाकर आपदा जागरूकता को बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि अगर हर घर में एक बच्चा भी जागरूक होगा तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य आशिमा जॉन, मैनेजर अजय दुबे, एनडीआरएफ के सहायक उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार, जनरल वार्डन सिविल डिफेंस सुनील गर्ग सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ और एनडीआरएफ के अन्य बचावकर्मी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने एनडीआरएफ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास और सेवा भाव दोनों को बढ़ाते हैं।
गौरतलब है कि 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल मानसून सीजन को देखते हुए जबलपुर सहित पूरे क्षेत्र में पूर्व तैनाती और जन जागरूकता अभियान चला रही है ताकि बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों से निपटा जा सके।

