राष्ट्रीय एकता, युवा सोच और डिजिटल भारत की नींव रखने वाले नेता की स्मृति में
साईडलुक, सत्यजीत यादव। आज 20 अगस्त, देश भर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती को “सद्भावना दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। 1944 में मुंबई में जन्मे राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने और अपने नेतृत्व में उन्होंने देश को आधुनिक तकनीक, कंप्यूटर, संचार क्रांति और युवा ऊर्जा की ओर अग्रसर किया।
राजीव गांधी का राजनीतिक जीवन भले ही संयोग से शुरू हुआ, लेकिन उनके फैसले देश को 21वीं सदी की दहलीज पर लाकर खड़ा कर गए। आईटी और टेलीकॉम सेक्टर का विस्तार, पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती, और शिक्षा में सुधार जैसे कई ऐतिहासिक कदम उनकी दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं।
सपना राष्ट्रीय एकता का भी
हर साल 20 अगस्त को ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाना, इस बात का प्रतीक है कि राजीव गांधी का सपना केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का भी था। इस दिन देश भर में शांति रैलियां, सद्भावना संगोष्ठियां, और युवा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
दिलाई भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान
राजीव गांधी को न केवल एक राजनेता, बल्कि एक प्रगतिशील सोच वाले परिवर्तनकारी नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। आज उनकी जयंती पर, पूरा राष्ट्र उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है और उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहरा रहा है।

