जबलपुर, डेस्क। मप्र उच्च न्यायालय ने कृषि उपज मंडी समिति जबलपुर में कैंटीन निविदा प्रकाशन में शर्तों का उल्लेख न किए जाने पर राज्य शासन से जवाब मांग लिया है। इस बारे में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव, मप्र राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक, कलेक्टर, कृषि उपज मंडी समिति के पीठासीन अधिकारी व सचिव को नोटिस किए गए हैं। सभी को तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने कहा गया है। जस्टिस एसए धर्माधिकारी की सिंगल बेंच में अधिवक्ता वेद प्रकाश नेमा व विभा पाठक ने याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी जुहैब खान व शिराज खान की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी कि समिति के प्रिसाइडिंग आफीसर पीके सेनगुप्ता व सचिव मनोज चौकीकर ने 3 अगस्त को मंडी में कैंटीन क्रमांक 2 के लिए टेंडर जारी किया था, यह ठेका तीन वर्ष के लिए दिया जाना है। नियमानुसार टेंडर का विज्ञापन शहर के दो प्रमुख समाचार पत्रों में नहीं किया गया। इसके अलावा नियम के विपरीत विज्ञापन में शर्तों का प्रकाशन भी नहीं किया गया और न ही विज्ञापन की कापी नगर निगम, तहसील व जनपद पंचायत कार्यालय में चस्पा की गई। यह पूरी प्रक्रिया भूमि संरचना नियम-पांच के उपनियम एक व दो का खुला उल्लंघन है। इस बार एक नई शर्त भी जोड़ी गई है। इसके तहत ठेका उसे ही दिया जाएगा जिसके पास किसी शासकीय कार्यालय में कैंटीन संचालन का छह वर्ष का अनुभव हो। यह शर्त जोड़ने का उपरोक्त दोनों अधिकारियों को अधिकार नहीं है। इस वजह से टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर नए सिरे से निविदा जारी की जाए।

