जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत साल्हेघोरी का मामला…
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| जिले में मनरेगा योजना ग्राम प्रधानों , सचिवों, ठेकेदारों ,उपयंत्री और जनपद पंचायत में बैठे अधिकारियों की कमाई का जरिया बन चुकी है। ये हम नहीं मनरेगा योजना से कार्य हुई विकास कार्यों की दुर्दशा अपनी दस्ता खुद बयां कर रही है। जिसका जीता जागता उदाहरण जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायत साल्हेघोरी में 14 लाख रू. की लागत से बना स्टाॅप डैम जो महज दो वषों में क्षतिग्रस्त हो गया और अब डैम से लगातार पानी तेजी से लीकेज होकर बर्बाद हो रहा है। मजे की बात यह है कि स्टाॅप डैम निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी करने वाले ग्राम पंचायत और जनपद के जिम्मेदार बेफिक्र है और ग्रामीण गर्मी आहट से परेशान हो रहे है।
ये रहा पूरा मामला….
बरहाल मामला जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्हेघोरी का है। जहां ग्राम पंचायत के द्वारा कुकरी पोटी नाला में राधेश्याम के खेत के पास 14 लाखों रुपए खर्च कर मनरेगा योजना से वर्ष 23/24 में स्टाॅप डैम का निर्माण कराया गया जो इतना घटिया स्तर कराया गहै कि दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए और लाखों रू का निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ गई।
बता दें कि घटिया और गुणवत्ताविहीन निर्माण की वजह से स्टाॅप डैम की दीवार समेत साइड वाॅल से पानी तेजी से लीक होकर बह रही है। स्टाॅप डैम की दीवार और साइड वाॅल में पत्थर, बोल्डर डाला गया जिसे फोटो और वीडियों में स्पष्ट देखा जा सकता है। वहीं स्टाॅप डैम की दुर्दशा देखकर कहना गलत नहीं होगा कि सरपंच, सचिव और उपयंत्री ने मिलीभगत कर अपने चहेते ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाने की मंशा से शासन को लाखों रुपए का चपत लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम साल्हेघोरी में पानी की किल्लत को देखते हुए भू-जलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से डैम निर्माण स्वीकृत किया गया। लेकिन जिम्मेदारों के द्वारा स्टाॅप डैम का निर्माण बेहद घटिया स्तर और मापदंड की विपरीत कराते हुए अनियमितता बरती गई, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगताना पड़ा रहा।
जिम्मेदार सरकार की मंशा को दिखा रहे ठेंगा….
ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सरकार की मंशा को ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड रहे है। गौरतलब यह कि स्टाॅप डैम निर्माण करा सरकार बारिश के पानी को एकत्रित कर ग्रामीणों को पानी की किल्लत से निजात दिलाने चाह रही है, लेकिन इसके विपरीत जिम्मेदारों के द्वारा स्टॉप डैम का घटिया निर्माण करा सरकार की मंशा पर पानी फिरी जा रही है
नियमों- निर्देशों की अनदेखी, सूचना पटल गायब….
कलेक्टर नेहा मारव्या सिंह के द्वारा एक आदेश जारी कर सभी को निर्देश दिए गए है कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सूचना पटल निर्माण स्थल में लगाया जाए,लेकिन यहां पर जिम्मेदार शासन के नियम कायदों को ठेंगा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। बता दें कि ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सरपंच,सचिव के द्वारा लाखों रुपए की लागत से स्टाॅप डैम का निर्माण कराया गया है,लेकिन निर्माण के महानों बाद भी सूचना पटल में नहीं लगया गया है। जिससे ग्रामीणों समेत अन्य लोगों को लागत, मद और कई जानकारी नहीं मिल रही है।



