1. डिंडौरी(रामसहाय मर्दन)| जैसा कि विदित है कल गुरुवार को नगर परिषद में पीआई सी की बैठक आयोजित हुई थी । जिसमें संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की नगर में प्रतिमा स्थापित करने, रेस्ट हाउस तिराहे से कन्या छात्रावास तक डामरीकरण सड़क निर्माण, विभिन्न वार्डों में रंगमंच, नाली निर्माण कार्यों सहित अन्य का प्रस्ताव पारित किया गया है। वही लगभग 2 सितंबर को नगर परिषद के जनप्रतिनिधियोँ का कार्यकाल समाप्त होने को है,लेकिन इन बीते पाँच वर्षों में अरबों खर्च कर परिषद ने नगर के लिये क्या उपलब्धि हासिल की यह जनता – जनार्दन बखूबी जानती है। चाहे निर्माण कार्य हों या फिर नगर परिषद क्षेत्रान्तर्गत किया गया सौंदर्यीकरण, सभी अनियोजित साबित हुए। जिस प्रकार प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नही होती, वैसे ही आप बतौर सबूत रानी अवंति बाई चौराहे पर बनाये पेड़ और उस मूर्ति को ही देख लीजिए, जिसे देख आप अंदाजा भी नही लगा सकते कि विचित्र सा दिखने वाला यह पत्थर शेर है या फिर कुछ और । फिर आप आ जाइये आई लव डिंडोरी और उन तमाम प्रवेश द्वारों पर जो अखबारी सुर्खियाँ बनने के बाद पुनः तैयार किये गये और अब भारत माता चौक पर कस्तूरबा गाँधी प्रवेश द्वार पर गौर कर लीजिये । यकीन मानिए आपको समझते देर नही लगेगी और धीरे से कलेक्ट्रेड के फव्वारे पर निगाह मार लीजिये तो स्वतः ही विकास की सारी तस्वीरें आपके सामने आ जायेंगी।अब बात करते हैं उत्कृष्ट विद्यालय के सामने बनाये जा रहे मिनी जिम और बैठक व्यवस्था की। तो सूत्र यह बताते है और 12,500 रुपये प्रति चेयर के मान से 40 चेयर क्रय की गईं, जिसमे 20 सीमेंट की और 20 कच्चे लोहे ,जिसे आप बीड़ भी कह सकते हैं कि।जिसमे 18%जी एस टी काट दीजिये। जो कि प्रतिमा अनावरण से पूर्व ही आड़ी – तिरछी होने लगी हैं। अब कार्यकाल समाप्त होने से पहले पुरानी परिषद अब विकास की नई इबारत लिखने को बेताब है,और इसी कड़ी में आज सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम होने को है।जिसमे भारत रत्न माननीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी कि प्रतिमा अनावरण का कार्यक्रम रखा गया है। इसके अलावा आदिम संस्कृति के प्रतीक नागा बैगा – नागा बैगिन की प्रतिमा का अनावरण और विभिन्न वार्डों में सी सी रोड निर्माण कार्यों भूमिपूजन कार्यक्रम लागत 1,45,07583 रुपये और साँथ ही निषादराज जी की प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन कार्यक्रम रखा गया है। जिसमें परिषद द्वारा फिर पूर्व की तरह गुडवत्तहीन कार्य कराकर लाखों करोडो रूपीए बरबाद करेगा उससे पहले इसको रोका जाए ।
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