◆ छात्र-छात्राओं ने बनाना सीखा इकोफ्रेंडली श्रीगणेश मूर्ति:-

डिंडौरी(रामसहाय मर्दन)| मेकलसूता महाविद्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया जिसमें शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास व नर्मदा समग्र टीम द्वारा “आओ बनाये अपने हाथों अपने श्री गणेश” अभियान चलाया जा रहा है । प्रशिक्षक नीलेश कटारे पिछले 12 वर्षो से लगातर प्रशिक्षण प्रदान कर समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे है। मेकलसुता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी एल द्विवेदी ने कहा कि यह एक प्रयत्न है। एक नर्मदा नदी, एक जल स्त्रोत, एक आस्था को स्वस्थ, सुंदर और पवित्र बनाये रखने का प्रयास है । वनस्पति विज्ञान के प्रो विकास जैन ने बताया कि विद्यार्थियो को आत्म निर्भर बनाना इसी प्रयास के तहत प्रति वर्ष मिट्टी से गणेश बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। मेकलसुता महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को प्रतिवर्ष इकोफ्रेंडली श्रीगणेश मूर्ति बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता हैं

आप सभी जानते है कि प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासानिक रंगों से रंगी प्रतिमाएं जल जीवो और जल को प्रदूषित करती है वर्तमान परिदृश्य में जल का प्रदूषण अत्यधिक बढ़ा है जैसे जैसे जनसँख्या बढ़ती जा रही है स्वच्छ और साफ जल की कमी आती जा रही है अगर हम जल संरक्षण के लिए छोटे छोटे प्रयास नही करेंगे तो भविष्य में स्वच्छ जल नही मिल पायेगा ।अतः आप अभी से अपील है कि मिट्टी के गणेश की स्थापना कर विसर्जन भी अपने घर आंगन या गमले में करें विसर्जन उपरांत एक पौधा लगाए। छात्र-छात्राओं को जागरूक करने का प्रयास किया है और समाज के सभी लोगों से आग्रह है कि वह अपने घरों में मिट्टी से बने श्रीगणेश की ही विराजमान करें। कार्यक्रम में नेचर क्लब प्रभारी प्रो सुभाष शाह, प्रो अनुराधा बाल्मीक, स्वाती सिंह, डॉ सरिता शर्मा उपस्थित रहीं।

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