जबलपुर, डेस्क। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए हैं, कि पंचायत चुनाव में सरपंच के पद के दावेदार का पुनर्गणना से संबंधित अभ्यावेदन का चुनाव परिणाम आने से पहले निराकरण करें। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने आयोग को कहा कि निर्णय लेने के बाद आवेदक को सूचित भी करें। कटनी की ग्राम पंचायत चाका से सरपंच पद की उम्मीदवार अंकिता तिवारी की ओर से अधिवक्ता सुशील मिश्रा ने न्यायालय को बताया कि मतगणना के दिन अर्थात 25 जून को ही याचिकाकर्ता ने पीठासीन अधिकारी को पुनर्मतगणना के लिए अभ्यावेदन पेश किया था, उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसी तरह रीवा की भोलगढ़ ग्राम पंचायत चुनाव के उम्मीदवार प्रदीप सिंह बघेल ने बताया कि चुनाव एक जुलाई को हुआ था। उन्होंने मतगणना के तत्काल बाद पीठासीन अधिकारी को पुनर्मतगणना के लिए आवेदन पेश किया, जिसका निराकरण नहीं होने पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई। मामले पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने परिणाम घोषित होने के पहले आवेदन पर सुनवाई कर उसका निराकरण करने के निर्देश दिए।
एमपी: चुनाव परिणाम आने से पहले करें निराकरण

