जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मारगांव का मामला…
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| एक बार फिर साईड लुक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का असर हुआ है बता दें कि विगत दिन जनपद पंचायत समनापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत मारगांव की खबर “GST धारक बना मनरेगा श्रमिक: सरपंच, सचिव की मेहरबानी से सप्लायर खा रहा मलाई! ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत शीर्षक से प्रकाशित किया गया था जिसपर तत्काल संज्ञान लेते सीईओ जनपद पंचायत समनापुर सीपी साकेत के द्वारा सरपंच,सचिव और जीआरएस कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
सीइओ द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्र में उल्लेख किया गया कि सरपंच,सचिव और जीआरएस को 24 घंटे के अंदर उक्त मामले के संबंध में जवाब प्रस्तुत करना होगा। साथ ही संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई करने की चेतवानी दिया गया है।
ये रहा पूरा मामला..
दरअसल जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मारगांव के ग्रामीणों ने कलेक्टर हर्ष सिंह से शिकायत कर ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक के द्वारा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर किए भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है।
बता दें कि ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि ग्राम पंचायत सरपंच सचिव और जीआरएस के द्वारा मनमानी पूर्वक बिना कोई ग्राम सभा ,बिना ग्राम पंचायत के पंचों के जानकारी के शासकीय राशि का बंदरबाट कर निजी उपयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में मटेरियल सप्लायर आर.के. ट्रेडर्स के प्रोपराईटर GST धारक और आयकर दाता है जिसका ग्राम पंचायत में मटेरियल क्रय का फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि का आहरण किया गया है साथ ही उक्त GST धारक आर. के. ट्रेडर्स उर्फ रामकुमार पिता गोवर्धन का जाबकार्ड बना है जिसका जाबकार्ड क्रमांक 283 है जिसमें फर्जी हाजिरी लगाकर भुगतान किया जा रहा है। एक और ग्राम पंचायत के द्वारा जॉब कार्ड में मनरेगा मजदूर बनकर फर्जी हाजिरी लगाकर मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है तो वही दूसरी ओर निर्माण सामग्री खरीदी का बिल भुगतान भी उसी व्यक्ति को किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि मनरेगा योजना में विद्यार्थियों को फर्जी कुशल मजदूरों के नाम रजिस्ट्रेशन कर राशि का आहरण किया जा रहा , बिना कूप मरम्मत, लीचफिट की राशि आहरण करने का आरोप लगाया है साथ ही नियम विरुद्ध सरपंच ,सचिव के अपने सभी संबंधियों के खाते में शासकीय राशि आहरण करने व वर्ष 2022/23 में मरावी ट्रेडर्स के नाम से खेल मैदान पंचायत भवन के पास के नाम में फर्जी बिल लगाकर 79972 रू.भुगतान किया गया जबकि उक्त फार्म से कोई सामग्री नहीं खरीदी न कोई कार्य कराया गया। शिकायत करने आए ग्रामीणों ने कलेक्टर से विगत वर्ष 2022 से अभी तक के समस्त मदों की व्यय की राशियों की उच्च स्तरीय कर जांच कर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग है।



