खनन परियोजनाओं के बीच प्रशासनिक निष्क्रियता पर सवाल, एसडीएम ने जांच का दिया भरोसा…
डिंडौरी, राठौर रामसहाय मर्दन| मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में आदिवासी ज़मीनों के हस्तांतरण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। बजाग विकासखंड के पिपरिया ग्राम में सैकड़ों बैगा आदिवासी मंगलवार को बजाग थाना पहुँचे और तीन स्थानीय दलालों – मुकेश यादव, पन्ने लाल यादव और जस्सू साहू – के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में कहा गया है कि इन दलालों ने ज़मीनें बेहद कम दामों में रजिस्ट्री करवाईं, और पैसे मांगने पर ग्रामीणों को धमकाया गया। एक आदिवासी, धामन बैगा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को भी इस ज़मीन विवाद से जोड़ा जा रहा है। बॉक्साइट खदानों के लिए तेजी से चल रही प्रशासनिक प्रक्रिया और ज़मीन हस्तांतरण में अनियमितताओं ने आदिवासियों के बीच भारी असंतोष पैदा किया है। बैगा समुदाय ने आरोप लगाया कि पटवारी और रसूखदारों की मिलीभगत से ज़मीनों की जबरन रजिस्ट्री कराई गई, जिससे कई परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
एसडीएम रामबाबू देवांगन थाने पहुंचे और ग्रामीणों को जांच का आश्वासन दिया। वहीं, आदिवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएँगे। पिपरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में पाँच बॉक्साइट खदानों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन और पारंपरिक जीवनशैली पर संकट गहराता जा रहा है। वहीं, इस गंभीर मामले पर क्षेत्रीय विधायक और प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।



