जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ मार्च निकाल रही थीं नेहा, आरोपी हिरासत में, बोलीं- ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं, न्याय की लड़ाई जारी रहेगी
साईडलुक, डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान शुक्रवार को माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही से हमला कर दिया गया। नेहा बोरा जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों के साथ मार्च का नेतृत्व कर रही थीं, तभी भीड़ में से आए एक युवक ने उन पर स्याही फेंक दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नेहा बोरा हाथों में बैनर पोस्टर लिए सैकड़ों छात्रों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रही थीं। उनकी मांग थी कि राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो। इसी दौरान एक युवक ने पीछे से आकर उन पर काली स्याही उड़ेल दी, जिससे उनके कपड़े और चेहरा स्याही से सन गया। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद छात्रों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
हमले के बाद भी नेहा बोरा ने अपना मार्च नहीं रोका। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह छात्र आंदोलन को डराने और दबाने की कोशिश है। इस तरह के हमले से हम रुकने वाले नहीं हैं। जब तक जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में हुई धांधली पर सरकार जवाब नहीं देती और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।
इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके मकसद का पता लगाया जा रहा है। एहतियात के तौर पर प्रदर्शन स्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं इस घटना के बाद छात्र संगठनों में भारी आक्रोश है। कई छात्र संगठनों ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक आंदोलन पर हमला बताया है और दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

