जनपद पंचायत समनापुर अंर्तगत ग्राम पंचायत चांदरानी का मामला..
डिंडौरी, रामसहाय मर्दन| जिले के समनापुर जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिव के द्वारा अपने चहेते सप्लायर को अमान्य घोषित जीएसटी नंबर के बिलों में सामग्री खरीदी के नाम से मनमानी ढंग से लाखों रू. का भुगतान किया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत चांदरानी में फर्जी बिलों के भुगतान कर शासन को लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है। ऐसा ही एक सिददीकी मटेरियल सप्लायर नामक फर्म को ग्राम पंचायत द्वारा लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। जब इस फर्म की हकीकत जानने का प्रयास किया गया तो पता चला कि जीएसटी नंबर 23BEZPA9884E1ZZ के फर्म 15/11/2020 को अमान्य घोषित कर दिया गया है ,ऐसी कोई फर्म वास्तविकता में है ही नहीं। इसी तरह ग्राम पंचायत द्वारा अन्य बिलों और वाउचर द्वारा भुगतान किया गया है, जिनकी वास्तविकता सत्य से कहीं दूर है। अगर ग्राम पंचायत द्वारा किए गए बिलों का भुगतान की उचित जांच करवाई जाए तो किस तरह भ्रष्टाचार किया जा रहा है, यह सच्चाई भी सामने आ जाएगी।

जीएसटी नंबर अमान्य घोषित फिर भी भुगतान ….
उक्त फर्म के जीएसटी नंबर को अमान्य घोषित कर दिया गया है, इसके बावजूद भी सिददीकी मटेरियल सप्लायर फर्म के संचालक लाखों रुपए का भुगतान ले रहा है। वहीं ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव के द्वारा रेत, सीमेंट, गिटटी खरीदी के नाम पर लाखों रुपए का फर्जी बिलों में भुगतान किया गया है। जबकि नियमानुसार सक्रिय जीएसटी धारकों को ही भुगतान किया जाना चाहिए, किन्तु सरपंच ,सचिव के द्वारा अपने चहेते सप्लायरों को अमान्य घोषित जीएसटी नंबरों के बिलों में सामग्री खरीदी का मनमानी ढंग से लाखों रू. का भुगतान किया जा रहा है।

यह है नकली बिलों का असली खेल…..
नकली व फर्जी बिल भुगतान के इस खेल में वास्तविकता में किसी तरह की फर्म होती नहीं है। मात्र कागज, बिल बुक एवं सरपंच, सचिव के ही संज्ञान में इस तरह की फर्म होती है। उक्त फर्म का बिल ग्राम पंचायत में लगाया जाता है और फिर सरपंच, सचिव और जिम्मेदार बिल का भुगतान भी कर देते हैं। जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत द्वारा अलग-अलग कार्यों में लाखों रुपए का भुगतान कच्चे बिलों पर ही कर दिया गया। आश्चर्य की बात तो यह है उक्त बिलों की अगर वास्तविकता जानने का प्रयास किया जाए तो पता चलेगा कि जिन फर्मों के बिल लगाए गए हैं, वे अस्तित्व में ही नहीं है, मात्र कागजों में ही ये फर्म हैं, जिन्हें लाखों रुपए का भुगतान किया जा रहा है।

जीएसटी चोरी और खनिज रायल्टी को पहुंचाया जा रहा नुकसान…
ग्राम पंचायत द्वारा भुगतान किए जा रहे कई ऐसे बिल है,जिसका सक्रिय जीएसटी नंबर नहीं है, ऐसे में शासन को जीएसटी राजस्व चोरी का नुकसान तो उठाना पड़ ही रहा है। वहीं बड़ी मात्रा में ग्राम पंचायत द्वारा रेत, मुरम, गिट्टी, पत्थर की खरीदी की जाती है। परंतु फर्जी फर्म होने के कारण खनिज रायल्टी की चोरी भी कर ली जाती है। इस तरह शासन के राजस्व की सेंधमारी भी की जा रही है।
इनका कहना है,,
उक्त मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीपी, साकेत जनपद सीईओ समनापुर।



